जनता की आवाज सुने भाजपा, सत्ता के रोड रोलर से जनमत को कुचला नहीं जा सकता: अखिलेश यादव
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि देश को तबाह करने और समाज में विषमता को बढ़ावा देने की किसी भी प्रवृत्ति को देश स्वीकार नहीं करेगा। असहमति को विद्वेष भावना से नहीं देखा जाना चाहिए। देश में गंगा-यमुनी संस्कृति पर आघात को जनता बर्दाश्त नहीं कर सकती। भाजपा को मनमानी छोड़कर जनता की आवाज सुननी चाहिए। सत्ता के रोड रोलर से जनमत को कुचला नहीं जा सकता है।
अखिलेश ने शनिवार को कहा कि सपा नागरिकता संशोधन कानून तथा एनआरसी के पक्ष में नहीं है। उसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन जनता का अधिकार है लेकिन उसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं हो सकता है। शांतिपूर्ण एवं अहिंसात्मक ढंग से ही अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे सामाजिक सद्भाव बनाने और आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए जनता के बीच जाएं। उनसे संपर्क बनाकर समाजवादी पार्टी का पक्ष रखें। किसी के बहकावे में नहीं आएं। सपा लोकतांत्रिक विरोध की पक्षधर है। उसकी मांग है कि किसी के साथ अन्याय न किया जाए। निर्दोषों को फंसाने की साजिश नहीं होनी चाहिए।
'सरकार को संविधान के दायरे में रहकर करना चाहिए काम'
सपा अध्यक्ष ने कहा, देश में अमन-चैन कायम रहे, इसकी प्राथमिक जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए चुनी जाती है। उसे संविधान के दायरे में ही काम करना होता है।
संविधान की मूल भावना से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जा सकता है। ऐसा करना संविधान की शपथ की अवहेलना और राष्ट्रीय हितों से खिलवाड़ करना होगा। भाजपा सरकार को भी संविधान का सम्मान करना सीखना चाहिए। लोकतंत्र की मर्यादा एवं नैतिकता का सम्मान आवश्यक है।