फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Akhilesh Yadav said govt published advt of sugarcane price in English newspaper how many farmers to read it

UP Politics: 'गन्ना मूल्य का विज्ञापन अंग्रेजी अखबार में छपवाया...', अखिलेश का तंज- कितने किसान इसे पढ़ पाएंगे

Fri, 31 Oct 2025 02:09 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Fri, 31 Oct 2025 02:09 PM IST
सार

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने  गन्ना मूल्य और भुगतान का विज्ञापन अंग्रेजी अखबार में छपवाया। अब बताओ कितने किसान अंग्रेजी में इसे पढ़ पाएंगे? आगे पढ़ें पूरा मामला...

विज्ञापन
Akhilesh Yadav said govt published advt of sugarcane price in English newspaper how many farmers to read it
अखिलेश यादव - फोटो : SP Youtube

विस्तार

राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता कर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर सरदार पटेल के नाम पर विश्वविद्यालय बनवाएंगे। गन्ना मूल्य पर कहा कि गन्ना मूल्य में 30 रुपये से ज्यादा की वृद्धि होनी चाहिए थी। दाम में कम से कम इतनी बढ़ोतरी करें जिसमें किसान खुशहाल हो। 

विज्ञापन


सपा मुखिया ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने गन्ना मूल्य और भुगतान करने का विज्ञापन अंग्रेजी अखबार में छापा। बताओ कितने किसान अंग्रेजी में यह जानकारी पढ़ पाएंगे। बहराइच की गन्ना मिल बंद हो गई। जिम्मेदार किसानों का करोड़ों रुपया लेकर भाग गए। ये सब सरकार के पोषित लोग हैं। अब सरकार मंडियां बेचना चाहती है।  

विज्ञापन

SIR में जुड़े जाति का अतिरिक्त कॉलम

SIR के दूसरे चरण को लेकर अखिलेश ने कहा कि हमारी मांग है कि इतनी बड़ी प्रक्रिया में जाति पर एक अतिरिक्त कॉलम शामिल किया जाए। इससे जाति जनगणना कराने, बेहतर नीति निर्माण और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। मुझे उम्मीद है कि सरकार हमारे सुझाव पर विचार करेगी और उसे लागू करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन


कानपुर के अखिलेश दुबे की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जितना भ्रष्टाचार इस सरकार में हो रहा है, उतना कभी नहीं हुआ। विकास दुबे की गाड़ी इसलिए पलटाई गई थी, कि कहीं सरकार न पलट जाए। अब अखिलेश दुबे को बचाया जा रहा है। जितना भ्रष्टाचार इस सरकार में है, उतना किसी सरकार में नहीं रहा। विश्वविद्यालय में किसे कुलपति बनाया जा रहा है, सभी को पता है। 

भाजपा सरकार में इलाज कराना भगवान भरोसे

सपा मुखिया ने कहा कि सबसे अधिक असुरक्षित महिलाएं व बेटियां भाजपा सरकार में हैं। इस सरकार में दलित, पिछड़े मारे जा रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई बहुत काम नहीं हुआ। एंबुलेंस हम लोगों ने चलवाई थीं। सरकार आने पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। आज जब भाजपा के बड़े नेताओं को इलाज कराना होता है तो सपा सरकार में बनवाए गए मेदांता में इलाज कराने जाते हैं। इस सरकार में इलाज कराना भगवान भरोसे है। 

अखिलेश ने आगे कहा कि भाजपा की मूल पार्टी आरएसएस है। सरदार पटेल ने संघ पर बैन लगाया था। शर्तों पर संघ से बैन खत्म हुआ था। भाजपा हमें दूसरी चीजों में उलझाए है। अमेरिका और चीन के लिए बाजार बेचे डाल रहे हैं। कोई स्पेन बना रहा है तो कोई क्योटो। भाजपा नकारात्मकता फैला रही है। मेरठ में जो दुकानें गिराई जा रही हैं, उसका आदेश सपा सरकार में भी था। लेकिन, हमने नहीं गिराईं। भाजपा गिरा रही है। 

मुख्यमंत्री को नाम बदलने का पुराना शौक

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को नाम बदलने का पुराना शौक है। यदि आपको ओसामा बिन नाम पसंद नहीं था, तो एआई से पूछते इसका हिंदी नाम बताए। यदि वह हिंदी नाम शेर सिंह बताता तो वही कर देते। धरती पर यदि किसी के साथ सबसे भेदभाव हुआ है तो वह हैं दलित। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संघ पर बैन की बात कही है। हम उनसे सहमत हैं।



अखिलेश ने कहा कि जैट जीपीटी की मानें तो आरएसएस ने ऐसा वातावरण पैदा किया, जिससे नाथू राम गोडसे ने गांधी जी की हत्या की। भाजपा साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पार्टी है। मैं तेजस्वी से कहूंगा की अडानी का एक-एक रुपया वापस कर दें। 10 हजार युवाओं को नौकरी देने का शपथ पत्र लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed