'देश अभी गोधरा कांड नहीं भूला है, हमें कानून-व्यवस्था न सिखाएं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि देश अभी गुजरात के गोधरा कांड और उसके बाद हुए नरसंहार को भूला नहीं है। वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के यूपी की कानून-व्यवस्था पर दिए गए उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें शाह ने कहा था कि एक दिन के लिए उन्हें कानून-व्यवस्था सौंप कर तो देखें, हालात सुधार कर दिखा देंगे।
मुख्यमंत्री ने राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में वोटों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) के सवाल पर कहा कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि हर पार्टी को जितनी चादर हो, उतना ही पैर फैलाना चाहिए।
सीएम अखिलेश यादव गुरुवार को यहां अपने आवास पर सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार पर लिखी दो किताबों के विमोचन अवसर पर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
दादरी कांड पर नहीं दिया सीधा जवाब
साध्वी प्राची के मुसलमान मुक्त भारत के बयान पर उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के कथनों को सदैव ध्यान में रखो- बुरा मत सुनो, बुरा मत देखो और बुरा मत कहो।
दादरी कांड पर लैब की रिपोर्ट आने पर फिर नए सिरे से कार्रवाई की उठ रही मांग पर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया।
राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में भाजपा के अपनी ताकत से ज्यादा प्रत्याशी उतारने की वजह से हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं से उन्होंने इन्कार नहीं किया। उल्टे पत्रकारों से ही सवाल पूछ लिया कि क्या ये चुनाव पहली बार हो रहे हैं। फिर बोले, इन चुनावों में सपा को जबर्दस्त सफलता मिलने वाली है।
जमीन कब्जाने के मामलों की शिकायत के लिए भाजपा की ओर से मोबाइल नंबर जारी किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों के लिए हमने बहुत पहले ही ग्रीवांस सेल का गठन कर दिया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास से ही युवाओं को मिलेगा काम
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और औद्योगिक निवेश से ही आईआईटी सरीखी संस्थाओं से निकलने वाले युवाओं को रोजगार मिल सकता है। इसे देखते हुए उनकी सरकार ने इस काम को बखूबी अंजाम दिया।
पिछले चार साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर और अन्य क्षेत्रों में बड़ी कंपनियां सूबे में आई हैं। लखनऊ में मेट्रो ले आए हैं और कानपुर में भी जल्द ही लाएंगे।
मुख्यमंत्री ने ये बातें अपने आवास पर सामाजिक संस्था सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार पर लिखी पुस्तकें ‘सुपर-30 आनंद की संघर्ष गाथा’ और ‘सुपर-30 : आनंद कुमार’ के विमोचन अवसर पर कहीं।
उन्होंने कहा कि तमाम लोगों में जन्मजात प्रतिभा होती है, मगर ये अभावों में फंसकर मर जाती है। आनंद कुमार इन प्रतिभाओं को निखारने का काम कर रहे हैं। हंसते हुए बोले, यह बात अलग है कि लैपटॉप वितरण का काम उत्तर प्रदेश से बिहार में पहुंचा, पर सुपर-30 बिहार से उत्तर प्रदेश में आई।
यूपी में तैयार किया है विकास का माहौल
अखिलेश ने कहा, नेताजी (सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव) के आशीर्वाद से बहुत ही कम उम्र में मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला।
इस दौरान प्रदेश में विकास का माहौल तैयार किया है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बच्चों के भविष्य को सुधारने के लिए सरकार सभी संभव कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि टॉपर्स को तो दुनिया जान लेती है, पर पीछे रह जाने वालों में भी काबिलियत होती है। उनका भी हमें ध्यान रखना होगा। उन्होंने आनंद कुमार पर लिखी गई पुस्तकों की तारीफ करते हुए कहा कि इससे हजारों युवा लाभान्वित हो सकेंगे।
बच्चों की संख्या बढ़ी तो यूपी में खोलेंगे सुपर-30 की ब्रांच : आनंद कुमार
सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने युवाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। पहले सुपर-30 के टेस्ट में यूपी से एक-दो बच्चे ही सलेक्ट होते थे, अब इनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है।
उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसने गरीब बच्चों को आईआईटी की तैयारी कराने के लिए उनसे संपर्क किया। वह धीरे-धीरे यहां अपने परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाएंगे।
अगर सलेक्ट होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी तो यूपी में भी सुपर-30 की एक ब्रांच खोलने के बाबत फैसला लेंगे।
ट्यूशन पढ़ाकर उठाते हैं गरीब बच्चों का खर्च
उन्होंने कहा कि पटना में गरीब बच्चों को आईआईटी की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने में उनका पूरा परिवार लगा रहता है। इस काम के लिए वे किसी भी संस्था से आर्थिक मदद नहीं लेते। घर में ट्यूशन पढ़ाकर इन बच्चों का खर्च उठाते हैं। हॉस्टल में आज भी उनकी मां खाना बनाती हैं।
उन्होंने कहा कि हवाई जहाज का किराया न जुटा पाने के कारण वह कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में दाखिला नहीं ले पाए थे। इस कसक ने ही उन्हें गरीब बच्चों को आईआईटी की कोचिंग कराने के लिए प्रेरित किया।
शुरुआत में काफी दिक्कतें आईं। पटना में कुछ लोगों ने हमला भी किया, मगर अब सभी का सहयोग मिल रहा है।