समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया। घोषणा पत्र में हर वर्ग को लुभाने की कोशिश की गई है। गांव, गरीब, किसानों, महिलाओं व युवाओं को लुभाकर सत्ता में वापसी का ख्वाब संजोया गया है।
अखिलेश के घोषणा पत्र में प्रेशर कुकर से लेकर स्मार्ट फोन तक, देखें- आप के लिए क्या
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गरीबों पर है नजर
एक करोड़ परिवारों को एक-एक हजार रुपये पेंशन का वादा गरीबों को केंद्रित करके किया गया है। गरीबों को मुफ्त गेहूं व चावल देने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए आयोग का गठन, उनके परिवार को सभी बुनियादी सुविधाएं देने, प्रदेश भर में मजदूरों को रियायती मिड डे मील योजना शुरू करने जैसी घोषणाएं कमजोर तबके को लुभाने की कोशिशों का हिस्सा है। सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए सामाजिक न्याय आयोग के गठन की घोषणा की गई है।
आधी आबादी को लुभाया
घोषणा पत्र दिखाता है कि आधी आबादी के वोटरों पर अखिलेश की नजर है। नौवीं से 12वीं कक्षाओं तक की सभी छात्राओं को साइकिल, मेधावी छात्राओं के लिए सोलर टेबल लैंप, महिलाओं को रोडवेज बसों के सफर में किराये में आधी छूट, महिलाओं को निशुल्क ई-रिक्शा की व्यवस्था इसी का हिस्सा है। वादा किया है कि महिला सुरक्षा के लिए सभी जिलों में डायल-100 योजना शुरू की जाएगी, महिला उत्पीड़न व दुष्कर्म के मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएंगी, महिलाओं के लिए हर जिले में सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।
अल्पसंख्यकों के लिए बड़ी योजना नहीं
जिस तरह मुस्लिमों में सपा का बड़ा समर्थक माना जाता है, उस तरह से अल्पसंख्यकों के लिए किसी बड़ी योजना का एलान नहीं है। उनके लिए बड़ी घोषणा केवल यही है कि पांच साल में एक लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम व्यवसाय सृजित किए जाएंगे। उनके हुनर को बढ़ावा देने के लिए एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना की जाएगी। इस बार न तो सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्र आयोग का जिक्र है और न ही प्रदेश में उसकी सिफारिशों को अपने स्तर से लागू किए जाने का उल्लेख है। जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी का वादा सपा पहले ही कर चुकी है। इस बार आबादी के अनुरूप दलितों की तरह आरक्षण का पुराना वादा नहीं है। वाराणसी में नए हज हाउस का निर्माण किए जाने की घोषणा की गई है।
किस वर्ग के लिए क्या है घोषणापत्र में
किसान:
किसानों को सस्ते दर पर ऋण उपलब्ध कराने की योजना।
बुंदेलखंड में दो फसलें उगाने के लिए पानी की उपलब्धता।
बुंदेलखंड में बागवानी योजना को व्यापक रूप में लागू करना।
बुंदेलखखंड में सभी जिलों में जैविक खेती योजना लागू करना।
सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले कोल्ड स्टोरेज स्थापना की योजना।
भूमि विवाद समाप्त करने के लिए डिजिटल/आधुनिक तकनीक से कृषि भूमि चिन्हांकन।
गरीब, लघु एवं सीमांत किसानों को वन टाइम खतौली एवं भू अखिलेश उपलब्ध कराना।
किसान बीमा योजना की राशि बढ़ाकर 7.50 लाख कर दी जाएगी।
किसान क्रेडिट कार्ड पर सब्सिडी देने की कार्यवाही की जाएगी।
दुग्ध विकास
पशुओं की चिकित्सा के लिए 102, 108 एंबुलेंस की तरह विशेष सेवा प्रारंभ की जाएगी।
सचल पशु चिकित्सा सेवा का विस्तार, पुरानी दुग्धशालाओं का आधुनिकीकरण।
शिक्षा:
विश्वविद्यालय, कालेजों को वाई-पाई युक्त किया जाएगा।
मेधावी छात्राओं की उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप योजना चलाई जाएगी।
विश्वविद्यालयों, बड़े कॉलेजों तक छात्र-छात्राओं के लिए विशेष बस सेवा।
राजकीय शैक्षिक संस्थानों में अभियान चलाकर एक साल में शिक्षकों के रिक्त पद भरे जाएंगे।
प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नवोदय की भांति समाजवादी अभिनव विद्यालय की स्थापना।
शिक्षा निधि का सृजन कर गैर सरकारी महाविद्यालयों, विद्यालयों के भवनों का निर्माण।