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योगी को कोटा की फिक्र, गोरखपुर में एक साल में 1000 बच्चों की मौत पर चुप क्यों : अखिलेश

Fri, 03 Jan 2020 06:47 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 03 Jan 2020 06:47 PM IST
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akhilesh yadav press conference 30 january.
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीते एक साल में गोरखपुर में एक हजार से ज्यादा बच्चों की मौत होने का दावा करते हुए शुक्रवार को योगी सरकार से पूछा कि इसका जिम्मेदार कौन है। अखिलेश का कहना था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कोटा के अस्पताल में बच्चों की मौत की तो फिक्र है मगर गोरखपुर में पिछले 12 महीनों में एक हजार से ज्यादा बच्चों की जान जा चुकी है, मुख्यमंत्री उसकी फिक्र कब करेंगे। 
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इसके साथ ही उनका कहना था कि भविष्य में जब उनकी सरकार आएगी तो इससे संबंधित पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह आने वाले समय में इन मृत बच्चों की सूची जारी करेंगे। अलिखेश बोले, कि सरकार बताए कि बच्चों को गलत दवा किस लिए दी गई और इसका जिम्मेदार कौन है?
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वहीं दूसरी ओर उन्होंने नोएडा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण से जुड़े मामले पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा 'कानून-व्यवस्था संभालने की जिनकी जिम्मेदारी थी वे आज किन बातों में उलझे हुए हैं? पहले तो राजनीतिक पार्टियां जिस तरह के आरोप लगाती थीं, अब आईपीएस खुद इल्जाम लगा रहे हैं। इस सबके लिये सरकार और उसके मुखिया जिम्मेदार हैं।'
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सपा अध्यक्ष ने कहा कि इस सबको देखते हुए बहुत जल्द सपा के नौजवान कार्यकर्ता साइकिल चलाकर रोजगार मांगने का काम करेंगे।उन्होंने नारा दिया, 'नहीं भरेंगे एनपीआर, नौजवान मांगे रोजगार।' 
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