बड़े बैंकों को बचाने, डिफॉल्टरों को राहत देने के लिए की गई नोटबंदी: अखिलेश
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रदेश व केंद्र की भाजपा सरकारों पर निशाना साधा। कहा कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी का फैसला 10 बड़े बैंकों को बचाने और बकायादारों को राहत देने के लिए किया था।
भाजपा बड़े पूंजी घरानों, कॉरपोरेट की पक्षधर है। उसकी सरकार में व्यापारी वर्ग सबसे अधिक असुरक्षित और उत्पीड़न का शिकार है।
अखिलेश सपा मुख्यालय में उद्योग व्यापार संगठन की ओर से आयोजित व्यापारी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने देश की पूरी अर्थव्यवस्था को उलझा कर रख दिया है। इससे बेकारी बढ़ी है, उद्योग-धंधे बंद हो गए हैं।
नोटबंदी से व्यापार को जितना नुकसान हुआ है, उसके दुष्परिणाम आगे दिखाई देंगे। किसानों को सबसे ज्यादा सुविधाएं सपा सरकार में ही मिलीं। भाजपा गंगा और गाय के बहाने व्यापार करना चाहती है। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी बिल से होने वाले लाभ-हानि की समीक्षा करने और इसकी उत्पीड़नकारी व्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।
महीने में दो दिन सपा को दें व्यापारी
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि लड़ाई बहुत बड़े जादूगर से है। इसलिए व्यापारी महीने में दो दिन सपा को दें। सदस्यता अभियान में सक्रिय भाग लें।
इस मौके पर व्यापारियों ने कहा कि भाजपा राज में उत्पीड़न और अपमान के सिवा कुछ नहीं मिल रहा। जब दो माह में यह हाल है तो पांच वर्ष में तो बुरी हालत हो जाएगी। व्यापारियों ने हाथ उठाकर सपा का साथ देने का संकल्प लिया।
उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मंत्री नितिन अग्रवाल समेत अन्य वक्ताओं ने याद दिलाया कि सपा सरकार में ही चुंगी खत्म हुई थी, धारा 3/7 पर रोक लगी थी।
वैट लागू नहीं किया गया था। जीएसटी बिल छोटे व्यापारियों को समाप्त करने की साजिश है। इसमें तीन साल की सजा समाप्त होनी चाहिए।
लालू की पटना रैली में शामिल होंगे अखिलेश
2019 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता की कोशिश तेज हो गई हैं। पटना में 27 अगस्त को राष्ट्रीय जनता दल की रैली में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल होंगे।
इस रैली में लालू प्रसाद यादव ने सभी विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया है। इसे महागठबंधन की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
लालू ने ट्वीट करके 27 के सम्मेलन में देश भर के विपक्षी नेताओं को आमंत्रित करने की जानकारी दी है। अखिलेश ने शनिवार को सपा दफ्तर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत में इसकी पुष्टि की।
कहा, पटना में 27 अगस्त को हमें बुलाया गया है। हम लालू प्रसाद के कार्यक्रम में जाएंगे। क्या यह विपक्षी एकता की शुरुआत है, इस सवाल को टालते हुए अखिलेश ने कहा कि सभी में एकता होनी चाहिए।
सारा काम छोड़कर कानून व्यवस्था पर ध्यान दे सरकार
अखिलेश ने कहा, प्रदेश सरकार को सब काम छोड़कर कानून व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। राजधानी, मथुरा और दूसरे जिलों की घटनाएं दुखद हैं।
आईएएस की मौत के मामले में उनके परिवार वाले सीबीआई जांच चाहते हैं तो सरकार को करा लेनी चाहिए। दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। अपराध नियंत्रित करने में डायल 100 मददगार हो सकती है।
अखिलेश ने कहा, आजम खां ने जौहर विश्वविद्यालय बनाकर बड़ा काम किया है। उन्होंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया। कैबिनेट के फैसले के बाद कई काम हुए हैं। इसके लिए कैबिनेट जिम्मेदार है, हम भी जिम्मेदार हैं।