फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   akhilesh yadav meets mamata banerjee.

भाजपा के खिलाफ महागठबंधन की कोशिश तेज, ममता से मिले अखिलेश

Tue, 11 Apr 2017 02:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 11 Apr 2017 02:06 AM IST
विज्ञापन
akhilesh yadav meets mamata banerjee.
ममता बनर्जी व अखिलेश यादव (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

यूपी विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा के खिलाफ महागठबंधन की कवायद तेज हो गई है। नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी विपक्षी एकता के पैरोकारों में शामिल हो गए हैं।

विज्ञापन


सोमवार को उन्होंने दिल्ली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। ममता बनर्जी ने सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस, एनसीपी नेताओं और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी मुलाकात की।
विज्ञापन


तृणमूल कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि ममता आने वाले दिनों में मोदी सरकार के खिलाफ दिल्ली में रैली करने की योजना बना रही है। हालांकि ममता ने इन मुलाकातों को औपचारिक बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी लालकृष्ण आडवाणी से भी मिलीं। नीतीश व केसी त्यागी ने दो दिन पहले ही सीपीएम और सीपीआई के नेताओं से मुलाकात की थी। जद यू नेता शरद यादव भी लगातार विपक्षी नेताओं के संपर्क में हैं।

यूपी विधानसभा चुनाव में एक साथ लड़े थे सपा-कांग्रेस

akhilesh yadav meets mamata banerjee.
अखिलेश यादव व राहुल गांधी - फोटो : amar ujala

यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा गठबंधन करके चुनाव लड़े थे लेकिन बसपा और राष्ट्रीय लोकदल अलग चुनाव लड़े थे।

जनता दल यू के अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन बनाने का सुझाव दिया था लेकिन इसे किसी दल ने गंभीरता से नहीं लिया। लिहाजा, जद यू ने यूपी विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। चुनाव में सपा, कांग्रेस, बसपा, रालोद, सभी की गत बुरी हुई। भाजपा को तीन चौथाई बहुमत हासिल हुआ।

नीतीश का सुझाव विपक्षी दलों को अब याद आ रहा है। अब 2019 के लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर जाने की तैयारी है। इसके लिए महागठबंधन बनाने की कवायद चल रही है।

इसमें सभी प्रमुख गैर भाजपा दलों को शामिल करने की योजना है। नीतीश और लालू प्रसाद के बाद महागठबंधन के लिए अखिलेश ने पहल की है।

प्रशांत किशोर तैयार कर रहे हैं भूमिका

akhilesh yadav meets mamata banerjee.
प्रशांत किशोर - फोटो : फाइल फोटो

महागठबंधन के लिए भूमिका बनाने का काम कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर कर रहे हैं। वह राजनीतिक दलों के बीच बातचीत का माहौल बना रहे हैं। अधिकतर विपक्ष दलों से उनकी बातचीत हो चुकी है।

दिल्ली नगर निगम के चुनाव में प्रचार के लिए आए नीतीश कुमार और केसी त्यागी ने दो दिन पहले सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई महासचिव डी राजा से मुलाकात की थी।

वामपंथी और जद यू  नेताओं की कांग्रेस से बात हुई है। अखिलेश यादव की सोमवार को ममता बनर्जी से विस्तार से बातचीत हुई।

बसपा को साथ लेने की तैयारी

akhilesh yadav meets mamata banerjee.
बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala

महागठबंधन में बसपा को साथ लेने की तैयारी है। लोकसभा चुनाव में खाता नहीं खुलने और विधानसभा चुनाव में मात्र 19 सीटों तक सिमट जाने के बाद अन्य नेताओं की तरह बसपा सुप्रीमो मायावती को अहसास हो गया है कि भाजपा से अकेले दम पर निपटना संभव नहीं है।

जद यू समेत सभी दल यूपी में सपा-बसपा को महागठबंधन में शामिल करना चाहते हैं। ऐसी चर्चा है कि अखिलेश यादव व मायावती की शीघ्र मुलाकात हो सकती है।

इस पर जद यू के प्रमुख महासचिव केसी त्यागी का कहना है कि चुनाव से पहले विपक्षी दलों की व्यापक एकता की बात बार-बार कह रहे थे, लेकिन तब किसी ने तवज्जो नहीं दी, हमसे बात तक नहीं की। जद यू महागठबंधन का हिमायती है। मोदी के बाद नीतीश कुमार सबसे अनुभवी हैं। वे समाज के सभी वर्गों में स्वीकार्य हैं। हमने कभी उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार नहीं बताया लेकिन वे पीएम मैटीरियल जरूर हैं।

शिवपाल-रघु ठाकुर मिले, एकता अभियान जल्द

akhilesh yadav meets mamata banerjee.
शिवपाल यादव

जहां एक तरफ भाजपा के खिलाफ महागठबंधन की कवायद चल रही है, वहीं समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने सोमवार को लखनऊ में शिवपाल सिंह यादव से मिलकर समाजवादी ताकतों की एकता के अभियान पर चर्चा की।

शिवपाल ने कहा कि जल्द ही सभी समाजवादियों को एक मंच पर लाने का अभियान चलाया जाएगा। यह वर्ष लोहिया के महाप्रयाण की अर्द्धसदी का वर्ष है। हम सभी समाजवादियों को आत्ममंथन करना होगा कि लोहिया और समाजवाद की कसौटी पर कहां खड़े हैं। देश की समस्याओं का समाधान लोहिया के सिद्धांतों से ही संभव है।

लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के संस्थापक रघु ठाकुर ने कहा कि हमें लोहिया और समाजवाद को कर्म एवं आचरण में उतारना होगा, दूसरा कोई विकल्प और रास्ता नहीं है। इस अवसर पर वयोवृद्ध लोहियावादी नेता राजनाथ शर्मा, चिंतन सभा के अध्यक्ष दीपक मिश्र भी उपस्थित रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed