आखिर इस बार नाईक से मिलने क्यों पहुंचे सीएम अखिलेश?
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बिहार में महागठबंधन से सपा के अलग होने और इस फैसले पर पुनर्विचार के लालू प्रसाद यादव और शरद यादव के आग्रह को ठुकराए जाने के बाद बदले राजनीतिक माहौल में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को राजभवन जाकर राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की।
इस मुलाकात को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। राज्यपाल और मुख्यमंत्री नौ सितंबर को बहराइच में कुष्ठ रोगियों की कार्यशाला में भी शामिल होंगे। इस आयोजन को लेकर भी सीएम ने राज्यपाल से चर्चा की।
लोकायुक्त की नियुक्ति की फाइल लौटाए जाने और पांच विधान परिषद सदस्यों का मनोनयन अटका होने से सरकार और राजभवन के रिश्तों में खटास आ गई है। इस बीच तीन सितंबर को सपा ने बिहार में लालू प्रसाद और नीतीश को झटका देते हुए खुद को महागठबंधन से अलग कर लिया और अपने दम पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। इस बदले हुए राजनीतिक माहौल में सीएम की राज्यपाल से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
सीएम और राज्यपाल की मुलाकात में हुआ ये सब
माना जा रहा है कि सीएम ने राज्यपाल से कई मुद्दों पर चर्चा की है। राजभवन ने कहा है कि सीएम ने राज्यपाल को जन्माष्टमी की बधाई दी है और 9 सितंबर को बहराइच में कुष्ठ पीड़ितों को लेकर होने वाली कार्यशाला पर भी विचार-विमर्श किया।
सीएम ने राज्यपाल को बताया कि कुष्ठ पीड़ितों को एक अप्रैल 2015 से 2500 रुपये प्रतिमाह निर्वहन भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री के राज्यपाल से मिलने के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं भी उठी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अखिलेश मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों को हटाया जा सकता है और कुछ नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि इसकी अधिकृत तौर पर कहीं से पुष्टि नहीं हुई है।