यूपी विधानसभा : अखिलेश यादव ने किया तीखा प्रहार, सरकार के पास विजन नहीं, पैसा होने के बाद भी काम नहीं हो रहा
अखिलेश ने कहा कि पीडब्ल्यूडी में ऐतिहासिक लूट हुई। मंत्री बनते ही खेल हो गया। गड्ढा मुक्ति पर 40 हजार कराेड़ रुपये खर्च हुए। लखनऊ, कानपुर मंडल की सड़कों, पूर्वांचल व बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की हालत देखिए।
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विधानसभा में शुक्रवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष एव॔ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार का नारा तो विकास का है, लेकिन काम विनाश वाला है। इनका असली नारा ''''जो कहा, वो नहीं किया'''' होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं अनुपूरक बजट अपनी जेब में पैसा पहुंचाने के लिए तो नहीं लाया गया है।
अखिलेश ने कहा कि बजट का 65 फीसदी पैसा खर्च नहीं हुआ, तो अनुपूरक लाने की क्या आवश्यकता थी। इनका दोहरा चरित्र है। डींगें मारने में सबसे आगे हैं। बजट में स्मार्ट सिटी का जिक्र नहीं है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए भी पैसा मांगा है। तो क्या प्रधानमंत्री ने अधूरे काम का उद्घाटन कर दिया। सरकार गरीबों का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में कराना चाहती है। सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी में दलाल खड़े हैं। आप सरकारी संस्थाओं को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग भी जातीय जनगणना कराना चाहते हैं। आरक्षण की मूल भावना से भटकने की वजह से हम जातीय जनगणना की मांग कर रहे हैं। आपके कुछ लोगों को लॉलीपॉप, केक, लड्डू मिल गया होगा, जिसकी वजह से मजबूरी में साथ हैं। कांग्रेस ने जातीय जनगणना को रोका था, भाजपा भी उसे रास्ते पर चल रही है।
ऐतिहासिक लूट हो रही
अखिलेश ने कहा कि पीडब्ल्यूडी में ऐतिहासिक लूट हुई। मंत्री बनते ही खेल हो गया। गड्ढा मुक्ति पर 40 हजार कराेड़ रुपये खर्च हुए। लखनऊ, कानपुर मंडल की सड़कों, पूर्वांचल व बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की हालत देखिए। लिंक एक्सप्रेसवे से मुख्यमंत्री का जिला नहीं जुड़ पाया। कोई भी शहर से जाम से बचा नहीं है। ट्रैफिक पुलिस से ज्यादा सांड नजर आते हैं। गोशालाओं के लिए अनुपूरक में 250 करोड़ रुपये दिए हैं, इसे 5000 करोड़ कीजिए। नंदी की सेवा इतने कम पैसे से कैसे होगी? गोशालाओं के नाम पर भाजपा नेता और अधिकारी लूट रहे हैं। मृत पशुओं को जेसीबी से गड्ढा खोदकर वहीं दफनाया जा रहा है। अधिकारी समझ गए हैं कि सरकार कैसी है। आपके कंट्रोल में चीजें नहीं हैं।
गोरखपुर में बना लीजिए मेट्रो
अखिलेश ने कहा कि आप गोरखपुर में मेट्रो बनाइए, किसने रोका है। इकाना जैसा स्टेडियम गोरखपुर में क्यों नहीं है। लखनऊ में जहां तक हमने मेट्रो बनाई थी, वहीं अटकी है। दिल्ली के पैसों से दूसरे प्रदेशों में एक्सप्रेसवे बन रहे, आपको पैसा क्यों नहीं दिया। गन्ना किसानों को जो कीमत मिल रही, क्या उससे आय दोगुनी होगी। धान क्रय केंद्रों पर सीसीटीवी क्यों नहीं लगे। नेता सदन आज मजदूरों से मिले थे, उनसे ही महंगाई के बारे में पूछ लेते। सरकार को बिना भेदभाव उनकी जान बचाने वालों का सम्मान करना चाहिए। हिंदू-मुस्लिम दोनों ने मिलकर 41 जानें बचाई हैं।
ये है नारी वंदन
अखिलेश ने 69 हजार शिक्षक भर्ती के मुद्दे पर कहा कि लड़कियों को पीटना ही आपका नारी वंदन है। सरकार बताए कि उसने अदालत में क्या हलफनामा दिया है। मंत्री संजय निषाद से बोले कि आपसे भी मिलने आए थे। आप तो मोबाइल छीन रहे थे। पिछड़े वर्ग का कोई नेता नहीं बचा होगा, जिसका दरवाजा नहीं खटखटाया गया। इसीलिए मैंने पीडीए का नारा दिया है। वहीं यूपी 112 को लेकर बोले कि लोगों का दुख-दर्द सुनने वाली लड़कियों की नौकरी छीन ली। उनकी दीवाली नहीं मनाने दी। केवल 3000 रुपये बढ़ाकर नहीं दे सकते।
भाजपा नेताओं के लिए जीरो टॉलरेंस
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को कुछ भी करने की खुली छूट है। कानपुर में भाजपा नेता ने गरीब की जमीन धोखे से ले ली। उसने हताश होकर आत्महत्या कर ली। सपा विधायक का झूठे केस में जेल भेज दिया। वोट के लिए आजम खान को जेल भिजवा दिया। कैबिनेट के फैसलों पर अंगुली उठेगी तो नेता सदन ने भी बहुत काम किए हैं।