यूपी सरकार का केजीएमयू को 300 करोड़ का तोहफा
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गांवों में डॉक्टर कैसे पहुंचें यह चिंता का विषय है। आज हम सरकार में हैं तो लोग हमसे यह पूछते हैं कि गांव में डॉक्टर नहीं हैं। कल जब हम विपक्ष में थे तो यही सवाल हम सरकार से पूछते थे। यह सिलसिला एक दिन का नहीं है।
आजादी के बाद से लगातार कोशिश हो रही है कि डॉक्टर गांवों में जाएं लेकिन आज भी वे नहीं पहुंच रहे हैं। यह सही है कि शहरों की आबादी बढ़ रही है लेकिन इलाज की जरूरत तो गांव में भी है। वहां डॉक्टर जाकर इलाज करें यह बड़ी चुनौती है।
मुख्यमंत्री सोमवार को लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में करीब 300 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, चार साल की सपा सरकार ने ऐतिहासिक फैसले किए हैं। न सिर्फ फैसले किए बल्कि उन्हें जमीन पर उतारा भी है। हम यह सवाल पूछते हैं कि हमसे पहले भी सरकारें थीं लेकिन उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं शुरू किए।
जितने मेडिकल कॉलेज थे हमने उससे दोगुने कर दिए
मुख्यमंत्री ने कहा, नेताजी ने सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाने की जो शुरुआत की थी वह काम तेजी से बढ़ गया है। आज हमने मिलकर जितने मेडिकल कॉलेज थे उससे दोगुने कर दिए हैं। चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने बहुत काम किए हैं लेकिन अब भी गरीबों के लिए बहुत कुछ करना बाकी है।
यूपी बहुत बड़ा प्रदेश है और यहां समस्याएं भी बहुत हैं। जहां हम समस्याओं का समाधान कर रहे हैं वहीं कुछ ताकतें इसे बढ़ा रही हैं। आप समझदार व सूझबूझ रखने वाले लोग हैं। आप जानते हैं कि कौन बेहतर काम कर रहा है। हमें भी जनता के बीच जाना है, सभी को जाना पड़ेगा। जनता ही सही-गलत का फैसला करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, सैफई देश का पहला ऐसा गांव है जहां सबसे अच्छा व सुरक्षित साइकिल ट्रैक हमने बनवाया है। लखनऊ में भी साइकिल ट्रैक बने हैं। भले ही लोग इसमें साइकिल न चलाएं लेकिन बुजुर्ग बड़ी दुआएं दे रहे हैं। उन्हें टहलने के लिए सुरक्षित स्थान मिल गया है।
सरकार आगरा से लेकर इटावा में लॉयन सफारी तक देश का पहला साइकिल हाईवे बनाने जा रही है। यह हाईवे स्वास्थ्य को बेहतर करेगा। इस मौके पर बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन, राजनीतिक पेेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अनूप चन्द्र पांडेय सहित कई अन्य उपस्थित थे।
अखिलेश बोले, कोई और सरकार बनी तो फिर मेरे पास आओगे
मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा, हम समाजवादी लोग आपकी परेशानी अच्छे से समझते हैं। केजीएमयू कर्मियों को भी पीजीआई के बराबर वेतन-भत्ते देने की जो मांग है उसमें कोई न कोई रास्ता निकाला जाएगा। लेकिन सरकार में कहीं कोई और आ गया और केजीएमयू का नाम फिर बदल गया तो आप हमारे ही पास आओगे।
इसलिए हमारी और आपकी बात एकदम साफ होनी चाहिए। यदि समाजवादी सरकार कुछ कर रही है तो आपको भी यह कहना होगा कि सपा के लोग व साइकिल चुनाव चिन्ह वाले यहां काम कर रहे हैं।
मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार रखें
मुख्यमंत्री ने सलाह दी कि डॉक्टरों व कर्मचारियों को मरीजों के साथ अपना व्यवहार अच्छा रखना चाहिए। मरीज की आधी बीमारी तो डॉक्टर के व्यवहार से ठीक हो जाती है। मरीजों को लगना चाहिए कि वह अब केजीएमयू में आ गया है तो स्वस्थ्य हो जाएगा।
टर्न की जगह टेंडर दे रही है सरकार
सीएम ने परियोजनाओं में तेजी से काम करने की सलाह दी। कहा कि अब सरकार टर्न की आधार पर टेंडर आमंत्रित कर रही है। पहले सारे कामों के लिए अलग-अलग टेंडर आमंत्रित होते थे। इस नाते परियोजनाओं में बहुत विलंब होता है।
उन्होंने शताब्दी अस्पताल का नाम लिए बगैर कहा, आपके संस्थान में एक काम ऐसा था जिसकी शुरुआत नेताजी ने की थी। इसके बाद दो सरकारें और बनीं लेकिन वह काम पूरा नहीं हुआ। बाद में मैंने उस योजना का उद्घाटन किया।
पीजीआई के समान वेतन के लिए करें बजट का इंतजार
मुख्यमंत्री ने पीजीआई के बराबर केजीएमयू कर्मियों को वेतन व भत्ते देने की मांग पर कहा, आप लोगों ने हमें देर से बुलाया। यदि बजट से पहले बुला लिया होता तो यह काम हो जाता। अब आपको बजट का इंतजार करना पड़ेगा।
यह भी कहा कि जो मांग एक जगह से उठती है, वह दूसरी जगह से भी उठने लगती है। हम आपको देंगे तो दूसरे लोगों को भी देना होगा। इसके लिए रास्ता निकालेंगे। इसकी शुरुआत हम जल्द करेंगे।