'सपा-बसपा गठबंधन की खबरों से बुरी तरह परेशान भाजपा, नेताओं को बदनाम करने में जुटी'
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि जैसे-जैसे लोकसभा के चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं भाजपा विपक्ष के नेताओं को बदनाम करने के अभियान में जुट गई है। वह साजिश और फरेब के सहारे लोगों को भ्रमित करना चाहती है। उसने पांच हजार करोड़ रुपये सिर्फ प्रचार पर खर्च किए हैं। भाजपा भी समझ रही है कि इस चुनाव में उसका सफाया होना तय है।
अखिलेश पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, भाजपा हमारे गठबंधन की खबरों से बुरी तरह परेशान हैं। आखिर, भाजपा ने भी तो 40 दलों से गठबंधन किया है। इसी तरह सीबीआई का भी हौव्वा खड़ा किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में सीबीआई और गठबंधन का क्या संबंध है ? भाजपा को हटाना है तो सीबीआई क्या करेगी?
उन्होंने कहा, भाजपा राज में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। महंगाई और भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहे। महिलाओं, बच्चियों का जीवन असुरक्षित है। व्यापारी वर्ग परेशान है। नौजवानों के सपने टूट गए हैं, विकास अवरुद्ध है। किसान कर्ज में डूबे हैं, कानून व्यवस्था ध्वस्त है।
अखिलेश ने कहा, सपा विकास और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा जातिवादी राजनीति कर रही है। विकास की योजनाएं सबके लिए होती हैं। भाजपा राज में भेदभाव और रागद्वेष की भावना से काम हो रहा है। देश की जनता 2019 के चुनाव में भाजपा का सफाया कर देगी।
बसपा से गठबंधन की जल्द मिलेगी जानकारी
सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बसपा के साथ गठबंधन पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। इस दिशा में जो भी प्रगति होगी उसकी जानकारी मीडिया को जल्दी ही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर जो भी कुछ होगा, सबके सामने जरूर आएगा।
भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि पूरे देश में किसान, व्यापारी और युवा परेशान हैं, सब लोग परिवर्तन चाहते हैं। भाजपा ने राजनीति में जो सिखाया है, अब दूसरे दल भी वही कर रहे हैं। भाजपा ने तो देश भर में न जाने कितने दलों के साथ गठबंधन किया है।
अब सपा-बसपा भी अपना गणित ठीक कर रहे हैं। गठबंधन में कांग्रेस को शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फैसला दोनों दलों के नेता करेंगे कि गठबंधन में किसे शामिल करना है और किसे नहीं।