चुनावी मोड में सपा, अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश, 17 जनवरी को आगाज
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश मुख्यालय में विधायकों व विधानसभा चुनाव लड़े प्रत्याशियों की बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने और जनता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि 17 जनवरी को सपा कार्यकर्ता आलू की बर्बादी, धान की खरीद में लूट, खाद, बीज न मिलने, बिजली के दामों में वृद्धि, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समस्याओं को लेकर तहसील स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। मतदाता सूचियों में वोटरों के नाम जुड़वाने के लिए भी सपा बूथ स्तर तक जाएगी।
कई विधायकों व अन्य नेताओं ने भी राय रखी। बैठक में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, विधान परिषद में नेता विरोधी दल अहमद हसन, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, राजेंद्र चौधरी समेत अधिकतर विधायक व पूर्व प्रत्याशी उपस्थित रहे।
किसान आत्महत्या, ठंड से मौत पर सरकार संवेदनहीन
अखिलेश ने कहा कि किसानों की आत्महत्या, ठंड से हो रही मौतों पर सरकार संवेदनहीन है। पीड़ित परिवारों की कोई मदद नहीं कर रही। भाजपा की मंशा गरीबों और किसानों उनके हक से वंचित करने की है। प्रदेश में भाजपा को रोकने की ताकत केवल सपा में है।
लोकतंत्र बचाने को दिन-रात एक करें: रामगोपाल
प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए हरेक कार्यकर्ता को पूरी निष्ठा से रात-दिन एक करना होगा। भाजपा सत्ता प्रतिष्ठान का दुरुपयोग कर रही है जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था के सामने खतरा पैदा हो गया है। 2019 में बूथ-बूथ पर संघर्ष होगा, इसीलिए सपा कार्यकर्ताओं को बूथ बचाने की लड़ाई लड़नी है।