अखिलेश की चुटकी, बोले- मैं 'बुआजी' से नहीं डरता
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डॉ. राममनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को जल्द ही उसके परिसर में बना ऑडीटोरियम हस्तांतरित कर दिया जाएगा। शनिवार को विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह घोषणा की।
मायावती सरकार ने इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को दे दिया था। इस मौके पर सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा, उन्हें ‘बुआजी’ यानी पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से डर नहीं लगता। ऑडीटोरियम तो हस्तांतरित करेंगे ही, अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए धन भी मुहैया कराएंगे।
दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय की छात्राओं ने बेहतर काम किया। इसी नाते उन्हें ज्यादा मेडल मिले। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि संयुक्त राष्ट्र संघ समेत दुनिया के तमाम देश जेंडर इक्विलिटी पर बहुत जोर दे रहे हैं। हमारे यहां जाति-धर्म की इतनी तरह की बाधाएं हैं कि आगे बढ़ना किसी चुनौती से कम नहीं।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी महज 37 एकड़ में
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी महज 37 एकड़ में है लेकिन पूरी दुनिया में उसका नाम है। कोई भी संस्थान अपने परिसर से नहीं, बल्कि शिक्षकों और विद्यार्थियों की वजह से ही बेहतर बनता है।
उन्होंने कहा, उनसे विश्वविद्यालय में खेल सुविधाओं के लिए धन देने की मांग हो रही है। आज के युवा अपने से जुड़ी हर चीज को फेसबुक पर अपडेट करना चाहते हैं, जिम में जाना भी इनमें से एक गतिविधि है। इसलिए उनकी इस डिमांड को जरूर पूरा किया जाएगा। रमाबाई पार्क को अंबेडकर यूनिवर्सिटी को देने का निर्णय किया।
अब लॉ यूनिवर्सिटी को न सिर्फ ऑडीटोरियम दिया जाएगा, इसके रखरखाव के लिए कॉर्पस फंड की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने मजाकिया लहजे में विश्वविद्यालय के कुलपति से कहा, कहीं ऐसा न हो कि हस्तांतरण के बाद उन्हें ही मांगने पर ऑडीटोरियम न मिले। सीएम ने कहा कि राजनीति करने वालों के रास्ते काफी टेढ़े-मेढ़े होते हैं।
पता नहीं, कब क्या हो जाए। आगे हमेशा खाई रहती है। लेकिन, हमेशा यह प्रयास करना चाहिए कि गरीब को न्याय मिले, क्योंकि इसी से लोकतंत्र मजबूत होगा। उन्होंने देश में बड़ा बाजार होने की वजह से अपार अवसर होने की बात भी कही।