दंगों का जिक्र कर अखिलेश ने भाजपा को दी चेतावनी!
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दिल्ली चुनाव नतीजों को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को भाजपा का नाम लिए बिना उस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतों को जनता ने सबक सिखा दिया है। यह वही लोग हैं जो पिछले दिनों लव जेहाद की बात कर रहे थे।
मोबाइल, वाट्सएप, मैसेंजर व ई-मेल के इस युग में लाउडस्पीकर लगाने को लेकर झगड़ा कर रहे थे। इधर कुछ बड़ा बदलाव दिखाई दिया है। लोगों ने ऐसी ताकतों के खिलाफ मतदान कर पूरे देश को संदेश देने का काम किया है। लोकतंत्र में यह ताकत आपकी है।
मुख्यमंत्री सोमवार को अपने सरकारी आवास पर एक हिंदी-उर्दू दैनिक के एक साल पूरे होने पर विशेषांक का विमोचन कर रहे थे। उन्होंने कहा, कोई भी सरकार हो या मुख्यमंत्री, वह नहीं चाहता कि उसके यहां दंगे व घटनाएं हों। जहां तक मुजफ्फरनगर की बात है, जानकारी मिलते ही हमने तत्काल कार्रवाई की थी। समाज में तमाम ऐसी ताकतें हैं जो बांटने का काम कर रही हैं।
यूपी में भी नाकाम होंगी ये ताकतें
अखिलेश बोले, ऐसी ताकतों को पहले भी कई बार नाकाम किया गया है। जब भी यूपी में परीक्षा होगी तो ये शक्तियां फिर नाकाम होंगी। सपा सरकार ने अल्पसंख्यकों को आर्थिक व सामाजिक रूप से आगे बढ़ाने का काम किया है। हिंदी व उर्दू दोनों ही भाषाएं जोड़ने काम काम करती हैं। हमारी सरकार गंगा- जमुनी तहजीब को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
अपर महाधिवक्ता जफरयाब जीलानी ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं चला रही है लेकिन इनका प्रचार-प्रसार ठीक से नहीं हो रहा है। कार्यक्रम में राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी भी उपस्थित थे।
सरकार तुरंत लेती है खबरों का संज्ञान
मुख्यमंत्री ने कहा, अखबारों से कई बार ऐसी चीजें पता चलती हैं जो शासन में बैठे अधिकारी हमसे छिपा लेते हैं। इसलिए अखबार में छपी खबरों का सरकार तुरंत संज्ञान लेती है।
उन्होंने हाल ही ‘अमर उजाला’ में छपी उस खबर का हवाला दिया जिसमें हर्ष फायरिंग के दौरान सिर में 44 छर्रे लगने से पीड़ित मरीज को इलाज के नाम पर इधर-उधर दौड़ाया जा रहा था। हालांकि उन्होंने तंज भी कसा और कहा कि पत्रकार साथी एक विषय को पकड़ लेते हैं तो उसका जल्दी पीछा नहीं छोड़ते।