भाजपा सरकार की ठोको-नीति सुलह के स्थान पर ‘आंतरिक कलह’ का कारण बनी: अखिलेश यादव
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यूपी विधानमंडल का तीन दिवसीय सत्र गुरुवार से शुरू हो गया। पहले दिन समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भाजपा सरकार को निशाने पर लेते धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश में कानून- व्यवस्था की बदहाली व कोरोना पर नियंत्रण न लगा पाने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का ये सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। सरकार को कोरोना, बेकारी-बेरोजगारी, जातीय उत्पीड़न व बदहाल कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विपक्ष के साथ अपने लोगों के सवालों का भी जवाब देना होगा। भाजपा सरकार की ठोको-नीति सुलह के स्थान पर ‘आंतरिक कलह’ का कारण बन गयी है।
उप्र विधानसभा का ये सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होगा. सरकार को कोरोना, बेकारी-बेरोज़गारी, जातीय उत्पीड़न व बदहाल क़ानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विपक्ष के साथ अपने लोगों के सवालों का भी जवाब देना होगा.
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भाजपा सरकार की ठोको-नीति सुलह के स्थान पर ‘आंतरिक कलह’ का कारण बन गयी है. pic.twitter.com/qsaknjHA9W — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 20, 2020
उत्तर प्रदेश में अब अपराधी ही सत्ताधीश
उन्होंने ट्वीट किया कि आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर के अपहरण एवं हत्या की घटना दुखद है। भाजपा के राज में प्रदेश की नारी न तो शहरों में सुरक्षित है, न बस्ती, न गाँव में। प्रतीत होता है कि अब उत्तर प्रदेश में अपराध ही सत्ताधीश बन गया है।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर के अपहरण एवं हत्या की घटना दुखद है. भाजपा के राज में प्रदेश की नारी न तो शहरों में सुरक्षित है, न बस्ती, न गाँव में.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 20, 2020
प्रतीत होता है कि अब उप्र में अपराध ही सत्ताधीश बन गया है. pic.twitter.com/c4yBN5jQf4