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अखिलेश यादव का सैनिक स्कूल खोलने के फैसले पर हमला, कहा-सरकार रच रही षड्यंत्र
Mon, 01 Feb 2021 11:14 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 01 Feb 2021 11:14 PM IST
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : एएनआई
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि केंद्रीय वित्तमंत्री के बजट में गरीबों, महिलाओं, किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग के लोगों को राहत के नाम पर कुछ नहीं मिला है।
कर्ज और राष्ट्रीय संपति बेचकर सत्ता सुख भोगने के जुगाड़ की साजिश को परवान चढ़ाया गया है। यह बजट दिशाहीन और निराशाजनक है। डबल इंजन की सरकार को भी एक तरह से झटका दिया गया है। उन्होंने सवा किया कि क्या इस बजट से 5 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकेगी?
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस बजट के माध्यम से कई राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों के लिए थोथे वादों का पिटारा खोला है। रेल, रोड, पुल, बीमा, बंदरगाह, एयरपोर्ट और बैंक तक को बेचने की तैयारी है।
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100 सैनिक स्कूल खुलेंगे और उनमें भी एनजीओ का सहयोग लेने की बात है। आरएसएस को इसमें भागीदार बनाने का यह षड्यंत्र है। सौहार्द, किसान-मजदूर के सम्मान, महिला युवा के मान और अभिव्यक्ति की पुनर्स्थापना के लिए कुछ प्रावधान किए जाने की अपेक्षा थी, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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कर्ज और राष्ट्रीय संपति बेचकर सत्ता सुख भोगने के जुगाड़ की साजिश को परवान चढ़ाया गया है। यह बजट दिशाहीन और निराशाजनक है। डबल इंजन की सरकार को भी एक तरह से झटका दिया गया है। उन्होंने सवा किया कि क्या इस बजट से 5 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकेगी?
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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस बजट के माध्यम से कई राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों के लिए थोथे वादों का पिटारा खोला है। रेल, रोड, पुल, बीमा, बंदरगाह, एयरपोर्ट और बैंक तक को बेचने की तैयारी है।
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100 सैनिक स्कूल खुलेंगे और उनमें भी एनजीओ का सहयोग लेने की बात है। आरएसएस को इसमें भागीदार बनाने का यह षड्यंत्र है। सौहार्द, किसान-मजदूर के सम्मान, महिला युवा के मान और अभिव्यक्ति की पुनर्स्थापना के लिए कुछ प्रावधान किए जाने की अपेक्षा थी, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ।