मुलायम के बाद अखिलेश से मिलकर क्या गुल खिला रहे हैं कांग्रेस के पीके
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प्रदेश में भाजपा विरोधी महागठबंधन बनाने की कोशिशें परवान चढ़ती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सोमवार को पौने दो घंटे की बैठक के बाद ऐसे दावे किए जा रहे हैं। पीके ने अपना राजनीतिक आंकलन सीएम के समक्ष रखा।
माना जाता है कि अखिलेश ने भी उनकी बातों में दिलचस्पी दिखाई । पीके से मिलने से पहले अखिलेश ने मुलायम सिंह से लंबी गुफ्तगू की थी।
तर्क यह है कि मुलायम सिंह 2017 के चुनाव में भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव रोकना चाहते हैं। कौमी एकता दल के विलय और रालोद के सकारात्मक संकेतों के बाद कांग्रेस के रणनीतिकार से उनकी मुलाकातें इस दिशा में अहम मानी जा रही हैं। इनसे गठबंधन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
अखिलेश बोले, सपा-कांग्रेस चाहेंगे तो कौन रोकेगा गठबंधन
पीके से मुलाकात से पहले अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन पर अपनी राय मैं पार्टी फोरम में रखूंगा। गठबंधन को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष (मुलायम सिंह) फैसला लेंगे।
कहा, यदि सपा और कांग्रेस गठबंधन करना चाहेंगे, तो कौन रोक सकता है? हालांकि अभी तक सीएम अपनी सरकार के काम के बूते पर अकेले चुनाव मैदान में उतरने की बात कह रहे थे। मुलायम के दखल के बाद ही अखिलेश पीके से मिले।
सीएम से मुलाकात पर कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा कि सपा नेताओं से बातचीत केवल औपचारिक थी, इसमें यूपी के राजनीतिक हालात पर बात हुई लेकिन कांग्रेस-सपा में गठबंधन को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई।