एंग्री सीएम बने अखिलेश, LDA के 7 अफसर सस्पेंड
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मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के दौरान गोमती नगर विस्तार के रिवर व्यू अपार्टमेंट में निर्माण में मिली गड़बड़ी के मामले में एलडीए के सात अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है।
इनमें तत्कालीन सचिव, मुख्य अभियंता, नगर नियोजक, दो सहायक अभियंता और एक अवर अभियंता शामिल हैं। सीएम के आदेश पर बुधवार देर रात यह कार्रवाई हुई।
पूरे प्रकरण की जांच कमिश्नर लखनऊ मंडल को सौंपी गई है। दरअसल, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने करीब दो हफ्ते पहले रिवर व्यू इंक्लेव में सरस्वती अपार्टमेंट का निरीक्षण किया था।
तत्कालीन सचिव व इंजीनियरों पर गाज
तत्कालीन सचिव मणिप्रसाद मिश्र (वर्तमान में आईएएस व विशेष सचिव, खाद्य एवं रसद), तत्कालीन मुख्य अभियंता एसएन त्रिपाठी (अभी केडीए में तैनात), एक्सईएन आरएन सिंह (वर्तमान में मेरठ प्राधिकरण के मुख्य अभियंता), नगर नियोजक रवि जैन (वर्तमान में एलएमआरसी के नगर नियोजक) को सस्पेंड कर दिया गया है।
इनके अलावा सहायक अभियंता डीएस चौहान, जेई कैलाश सिंह के अलावा एक अन्य तत्कालीन सहायक अभियंता सुनील श्रीवास्तव को भी सस्पेंड किया गया है।
यहां मिली तमाम गड़बड़ियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने उपाध्यक्ष अष्टभुजा प्रसाद तिवारी से रिपोर्ट तलब की थी।
नपेंगे और अफसर
रिपोर्ट में उन्होंने जिम्मेदारी तय करते हुए अपार्टमेंट के साल-2009 में शुरू हुए निर्माण से लेकर अब तक के अधिकारियों के नाम भेजे थे।
इस बीच अपार्टमेंट के पीछे बांध की रिटेनिंग वॉल गिर गई तो सीएम और नाराज हो गए और तत्कालीन अधिकारियों को गड़बड़ियों का दोषी पाते हुए कड़ा एक्शन लिया है।
मुख्य रूप से यहां निर्माण गुणवत्ता में कमी, कॉलोनी का खराब नियोजन, ठेकेदारों के साथ कमीशनखोरी आदि आरोप लगाए गए हैं।
माना जा रहा है कि, इस जांच के बाद में निर्माणकर्ता कंपनी एलएंडटी लिमिटेड के अधिकारियों पर भी गाज गिरने की आशंका है।