29 हजार वेतन, बच्चों को गिनती तक नहीं आती
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तीसरी और चौथी कक्षा के बच्चे न गिनती सुना पाए, न ही ककहरा। मोहनलालगंज के लोहिया ग्राम भसण्डा के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा का यह स्तर देख मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भड़क उठे।
उन्होंने स्कूल की शिक्षिका को फटकारते हुए कहा, 29 हजार वेतन पाने के बाद भी आप लोग बच्चों को ठीक से नहीं पढ़ाते? आखिर गांव के बच्चे पढ़ाई में कैसे तेज होंगे। इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता जांचने के लिए नियमित निगरानी का निर्देश दिया।
साथ ही, अफसरों को चेताया कि उदासीनता और लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को चिह्नित कर कार्रवाई के दायरे में लाया जाए। सोमवार को चिह्नित लोहिया ग्राम भसण्डा में औचक निरीक्षण करने पहुंचने सीएम के सामने प्राथमिक स्कूलों में दी जा रही स्तरहीन पढ़ाई की कलई खुल गई।
कक्षा तीन और चार के बच्चे गिनती और हिन्दी वर्णमाला के कखगघ... तक नहीं सुना पाए। स्कूली शिक्षा की जमीनी हकीकत देख मुख्यमंत्री भौचक रह गए। उन्होंने शिक्षिका संध्या से तल्ख लहजे में पूछा, ‘मैडम कितना वेतन पाती हैं।’ डरते हुए शिक्षिका ने उत्तर दिया- सर, 29 हजार। तब सीएम ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार आप सभी शिक्षकों की हर सहूलियत व जरूरतों का ध्यान रखती है। इतना वेतन पाने के बाद भी आप लोग अगर अपना काम ठीक तरह से नहीं करेंगे तो गांव के बच्चे कैसे पढ़ाई में तेज होंगे।
रजिस्टर में 104, स्कूल आए 42 बच्चे
सीएम ने सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर देखा। रजिस्टर में पंजीकृत 104 बच्चों में सिर्फ 42 बच्चे ही स्कूल आए थे। सीएम ने इसके लिए भी फटकार लगाई।
मुस्कान को सिखाई गिनती
सीएम ने कक्षा तीन की छात्रा मुस्कान को पास बुलाकर गिनती पढ़ने को कहा। मुस्कान ठीक से गिनती नहीं सुना सकी तो अखिलेश ने उसे पूरी गिनती बोलते हुए याद कराई।
लैपटॉप मिला लेकिन चलाना नहीं आता
निरीक्षण के दौरान सीएम ने सरकार से मिले लैपटॉप के साथ मौजूद बीए की छात्रा विनीता यादव से लैपटॉप चलाकर फोटो खींचने को कहा। तब छात्रा ने कहा कि वह नहीं जानती, लैपटॉप कैसे चलता है। तब सीएम ने डीएम से छात्रा को लैपटाप चलाना सिखाने के लिए कहा।