अखिलेश के यूपी में जंगलों पर भी कब्जा
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को प्रदेश में एक सप्ताह तक चलने वाले वन महोत्सव का शुभारंभ किया।
इस मौके पर उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को अवैध कब्जे वाले वन क्षेत्र को खाली कराकर उस पर पौधरोपण कर वन क्षेत्र बढ़ाने के निर्देश दिए।
पांच कालिदास मार्ग स्थित आवास पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार ने 50-50 व 100-100 एकड़ जमीन चिह्नित कर समूह में 8 से 12 मीटर लंबे पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने का काम शुरू किया है।
वन महोत्सव के पहले ही दिन प्रदेश में 530 स्थानों पर 82 हजार से ज्यादा पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके पहले कन्नौज में 600 एकड़ में पौधरोपण की शुरुआत की गई। वहां एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं।
हर जिले के 50-50 एकड़ क्षेत्र में लगेंगे पौधे
मुख्यमंत्री ने इटावा लॉयन सफारी से लेकर प्राणि उद्यान में नई ट्रेन चालू करने और कानपुर चिड़ियाघर में सुधार को लेकर वन विभाग के अफसरों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने दुर्लभ होते जा रहे पारिजात वृक्ष की उपलब्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि तमाम लोग अब वन विभाग से इसके पौधे ले जाने लगे हैं।
उन्होंने पौधरोपण की मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए आम लोगों से आगे आने की अपील की। बाद में एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों की कटान वन विभाग की पुरानी आदत है। सरकार इसे रोकने का प्रयास कर रही है।
कुकरैल में अवैध कब्जा हटाने का काम शुरू
जंतु उद्यान मंत्री डॉ. शिव प्रताप यादव ने बताया कि कुकरैल के पास अवैध कब्जे को हटाने का काम शुरू हो गया है, सरकार कुकरैल में जंतु उद्यान व जैव विविधता केंद्र बनाने पर विचार कर रही है।
प्रमुख सचिव वन वीएन गर्ग ने बताया कि 2014-15 में सूबे में 49582 हेक्टेयर क्षेत्र में 3.22 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। हर जिले के 50-50 एकड़ क्षेत्र को शामिल करते हुए करीब 9.37 करोड़ पौधे लगाकर 483 हरित पट्टियां विकसित करने की योजना है।
सीएम आवास में पौधे लगाने से किया इनकार
मुख्यमंत्री के पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास परिसर में पारिजात का तीसरा पौधा लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि परिसर में पहले से ही पारिजात के दो पौधे लगे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि सीएम आवास में अब पौधे नहीं लगाए जाने चाहिए।
यहां पहले से इतना वनीकरण हो चुका है कि आगे चलकर यह जंगल बन जाएगा। इस मौके पर एपीसी ने मुख्यमंत्री को सरकारी आवास में लगाने के लिए पारिजात का पौधा सौंपा।
वाइल्ड लाइफ ऑनलाइन पोर्टल व ई-लाइब्रेरी शुरू
मुख्यमंत्री ने वाइल्ड लाइफ ऑनलाइन पोर्टल व ई-लाइब्रेरी का भी शुभारंभ किया। वाइल्ड लाइफ पोर्टल पर प्रदेश के समस्त वाइल्ड लाइफ क्षेत्र के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। वहां ठहरने के लिए उपलब्ध स्थानों की 15 नवंबर के बाद ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू हो जाएगी।
ई-लाइब्रेरी में 1861 से लेकर अब तक वनों से जुड़ी करीब 10 हजार किताबें ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इस मौके पर राजकीय पक्षी सारस के संरक्षण को लेकर तैयार की गई डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।
मुझे ‘मिनिस्टर फॉर रेस्ट’ नहीं बनाया गया
वन, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई मुख्यमंत्री के सामने अपनी किसी मजबूरी का संकेत करना चाहते थे या विभाग में पर्याप्त महत्व न मिलने का संदेश देना चाहते थे..उद्देश्य कुछ भी रहा हो, वे पूरी तरह सफल रहे।
किदवई ने कार्यक्रम में सीएम की ओर से कम बोलने की हिदायत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कहा जाता था कि जब सीएम किसी व्यक्ति से खफा होते थे लेकिन उसे मंत्री बनाना जरूरी होता था तो उसे फॉरेस्ट विभाग का मंत्री बना देते थे। उसे ‘मिनिस्टर फॉर रेस्ट’ कहा जाता था।
एक पूर्व सीएम द्वारा ऐसे ही एक मंत्री बनाने की चर्चा आज भी लोगों की जुबान पर है। हालांकि उन्होंने पूर्व सीएम व मंत्री के जीवित न होने का हवाला देते हुए उनका नाम नहीं लिया।
किदवई ने कहा कि वे जानते हैं कि उन्हें इसलिए वन विभाग का मंत्री नहीं बनाया गया है।
अखिलेश ने पूछा, क्या वाकई अच्छे दिन आ गए?
मुख्यमंत्री ने पेट्रोल, डीजल के बाद रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी से जुड़े केंद्र के फैसले पर टिप्पणी से इन्कार कर दिया। वन महोत्सव में मुख्यमंत्री से केंद्र में नई सरकार आने के बाद आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि अभी पार्टी की तरफ से कुछ नहीं कह रहे हैं।
आप लोगों के जरिये जानकारी ही ले रहे हैं। एक दिन पहले भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस के साथ मीडिया कर्मियों पर हमले का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि आप लोग ही बताइए- अच्छे दिन आ गए?
शेरों पर जुबानी जंग की यादें कीं ताजा
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान इटावा लॉयन सफारी में दो शेरों को ‘कैद’ किए जाने का जिक्र कर लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी व अपने बीच शेरों को लेकर हुई जुबानी जंग की यादें ताजा कर दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी वहां और भी शेर कैद करने हैं।