फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Akhilesh inugrates akshay patra kitchen

अखिलेश की 'रसोई' से हजारों बच्चों को मिलेगा खाना

Sun, 15 Mar 2015 11:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 15 Mar 2015 11:11 PM IST
विज्ञापन
Akhilesh inugrates akshay patra kitchen

‘प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों में भोजन को लेकर हमेशा उत्सुकता बनी रहती है। ऐसे में अक्षय पात्र द्वारा बना भोजन उनके लिए कई मायनों में लाभप्रद हो सकता है। इस भोजन में तमाम पोष्टिक तत्व हैं, जिसे खाकर बच्चे स्वस्थ रहकर पढ़ाई में अपना ध्यान लगा सकेंगे।’

विज्ञापन


यह कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का, जो रविवार को अमौसी में अक्षय पात्र फाउंडेशन की नवीनतम रसोई का शुभारंभ करने पहुंचे।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वृंदावन दौरे के दौरान मैंने अक्षय पात्र फाउंडेशन के उपाध्यक्ष चंचलापति दास से मिलकर वहां स्कूली बच्चों के लिए चल रही भोजन व्यवस्था देखी थी, जिसके बाद चंचालापति जी से इस योजना को प्रदेश के अन्य जिलों में लगाने की बात की।
विज्ञापन


आज लखनऊ में अक्षय पात्र की रसोई शुरू हो गई है। भविष्य में वाराणसी, इटावा, कन्नौज समेत अन्य जिलों में भी इस प्लांट को लगाया जाएगा। मेरा अक्षय पात्र के उपाध्यक्ष से यह भी आग्रह है कि वे ही इस योजना का प्रदेश भर में संचालन करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

'सरकार के लोग जुड़े तो न जाने क्या हो जाएगा'

Akhilesh inugrates akshay patra kitchen

अखिलेश बोले कि अगर इसमें सरकार के लोग जुड़े तो न जाने इस योजना का क्या हो जाएगा। इस अवसर पर फाउंडेशन के उपाध्यक्ष चंचलापति दास ने कहा कि मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार जताना चाहूंगा, जिन्होंने प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों को पौष्टिक खाना देने के लिए अक्षय पात्र योजना शुरू की है।

हमारी कोशिश होगी कि हम प्रदेश में अधिक से अधिक बच्चों तक यह योजना पहुंचा सके। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा कि लखनऊ में शुरू हुई इस रसोई में 109 स्कूलों के 11800 छात्रों को भोजन परोसा जाएगा।

इसके बाद हम योजना का विस्तार करेंगे और जुलाई 2015 तक 690 स्कूलों में तकरीबन एक लाख बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। इस अवसर पर कांग्रेसी विधायक प्रदीप माथुर ने मुख्यमंत्री से प्रदेश भर में 10 अक्षय पात्र लगवाने की मांग की।

मौके पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री योगेश प्रताप, मुख्य सचिव आलोक रंजन समेत अन्य ने भी अक्षय पात्र योजना की सराहना करते हुए प्रदेश भर में इस योजना बढ़ाने की बात कही।

एक रसोई की लागत करीब 20 करोड़ आती है

Akhilesh inugrates akshay patra kitchen

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी अक्षय पात्र की योजना के मुरीद हुए बिना नहीं रह सके। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि दो घंटे के भीतर साठ हजार चपाती, दस हजार लीटर दाल और सात टन चावल बनाने वाली इस रसोई का खाना स्वादिष्ट होने के अलावा बेहद पौष्टिक भी है।

अगर यह खाना मरीजों को परोसा जाए, तो उनके भी जल्द ठीक होने की संभावनाएं भी बेहतर होगी। मैं मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि वे इस सरकारी अस्पतालों में अक्षय पात्र का प्लांट लगवाने की हरी झंडी दे, ताकि इस योजना का लाभ मरीज भी उठा सके।

अक्षय पात्र फाउंडेशन पर एक नजर
अक्षय पात्र फाउंडेशन का मुख्यालय बंगलूरू में स्थित है और यह संस्था दुनिया की सबसे बड़ी मध्याह्न भोजन कार्यक्रम है। इसकी रसोइयां स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों के लिए जानी जाती है।

यह फाउंडेशन देश के दस राज्यों के दस हजार प्राथमिक स्कूलों में गरमागरम भोजन उपलब्ध कराता है। एक रसोई बनाने की लागत तकरीबन 20 करोड़ रुपए की लागत बैठती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed