चकाचौंध होगा अखिलेश का एक और ड्रीम प्रोजेक्ट
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इस नए एक्सप्रेस वे के लिए सरकार करीब 11526.73 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित एक्सप्रेस-वे की लागत को मंजूरी दे दी।
इस परियोजना की लागत पूर्व अनुमानित लागत से करीब 2226 करोड़ बढ़ गई है। पहले इस एक्सप्रेस वे की लागत करीब 9300 करोड़ आंकी गई थी।
एक्सप्रेस वे के पांचों पैकेज की अलग-अलग लागत भी तय कर दी गई है। यह एक्सप्रेस वे चार कंपनियां बनवा रही हैं। इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण सरकार अपने बजट से करवा रही है।
सरकार ने परियोजना की लागत को मंजूरी देने के पहले इसका दोहरा मूल्यांकन कराया। पहले एक निजी फर्म राइट्स से आकलन कराया गया उसके बाद यूपीडा के तकनीकी सेल ने राइट्स की ओर से बताई गई लागत का परीक्षण किया।
परियोजना के पांचों पैकेजों की लागत का निर्धारण किया गया। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि परियोजना के मूल्यांकन की इस प्रणाली को उच्च न्यायालय के दो सेवानिवृत्त जजों ने उचित व पारदर्शी बताया है।
ये होंगे एक्सप्रेस वे के पैकेज
इस परियोजना को दूरी के आधार पर विभिन्न पैकेजों में बांटा गया है। हर पैकेज का काम अलग कंपनी को दिया गया है।
पहले पैकेज में आगरा से फीरोजाबाद तक की 55.5 किमी.
सड़क निर्माण होगा। इसकी लागत 1635.75 करोड़ रूपए है। पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड एजेंसी को इसका जिम्मा दिया गया है।
दूसरे पैकेज में फीरोजाबाद से इटावा तक की 62 किमी की दूरी शामिल है। इसका निर्माण 1990.49 करोड़ रुपये से इफ्कॉन इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. एजेंसी करेगी।
तीसरे पैकेज में इटावा से कन्नौज के बीच 57 किमी. दूरी का निर्माण होगा। इसकी लागत 1674.81 करोड़ रुपये होगी। इसका निर्माण एनसीसी लि. एजेंसी करेगी।
चौथे पैकेज में कन्नौज से उन्नाव तक 64 किमी की दूरी शामिल होगी। इसका निर्माण इफ्कॉन इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. 2124.17 करोड़ रुपये की लागत से करेगी।
वहीं पांचवे और आखिरी पैकेज में उन्नाव से लखनऊ के बीच 63 किमी की सड़क होगी। इसका निर्माण लार्सन एंड टू्बो लिमिटेड 1630 करोड़ रुपए से करेगी।