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गौरी मर्डर केसः मीडिया पर बरसे अखिलेश और यशस्वी

Thu, 12 Feb 2015 09:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ।
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ। Updated Thu, 12 Feb 2015 09:31 AM IST
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Akhilesh comment on media in gauri case.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गौरी हत्याकांड के खुलासे को लेकर उठ रहे सवालों पर मीडिया को जल्दबाजी न करने की नसीहत देते हुए कहा कि पुलिस सिस्टम और समाजवादी सरकार पर भरोसा करें। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां मीडिया को सारी जानकारी दे दें तो जांच दूसरी दिशा में भी जा सकती है।

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कई घटनाओं में पुलिस ने अच्छा काम किया है और सही खुलासा भी हुआ है।विकास एजेंडा जारी करने के मौके पर गौरी हत्याकांड को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ और प्रदेश में जितनी भी घटनाएं हुई हैं, पुलिस उनके खुलासे के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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जिस घटना का जिक्र किया जा रहा है उसका भी खुलासा हुआ है। घटनाओं की जानकारी करने और जांच में वक्त लगता है। जल्दबाजी न करें। जांच जारी है। पुलिस पर भरोसा करें।
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उन्होंने यह कहते हुए मीडिया को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की कि मोहनलालगंज की घटना की सच्चाई वे जानते ही हैं। बदायूं को लेकर कितना तमाशा किया गया वह भी सबको पता है। हर मामले में लगातार कार्रवाई हो रही है।

थ्योरी साबित करने के लिए वायरल किया वीडियो

Akhilesh comment on media in gauri case.

वहीं गौरी हत्याकांड में आरी थ्योरी पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए पुलिसकर्मी खुद ही आरी से जानवरों की हड्डी काटने लगे हैं। ऐसा ही एक वीडियो वायरल हुआ है। इस संबंध में बुधवार देर शाम एसएसपी यशस्वी यादव की ओर से प्रेस नोट जारी कर दावा किया गया कि सामान्य आरी से मानव शरीर सफाई से काटा जा सकता है।

हालांकि, पुलिसकर्मियों के हड्डी काटने से इन्कार करते हुए कहा कि एनजीओ कर्मियों ने ऐसा करके दिखाया है। जबकि, वायरल हुए वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि, पुलिसकर्मी ही हड्डी को आरी से काट रहे हैं।

इस वीडियो में पुलिस कर्मी वर्दी में सामान्य आरी से हड्डी काटता दिख रहा है। जबकि, कुछ अन्य पुलिस कर्मी हड्डी को पकड़े हुए हैं। हालांकि, इसका जवाब अभी नहीं मिल सका है कि अगर हड्डी पर मांस होता तो क्या ऐसा संभव था।

वीडियो में पुलिसकर्मी ने हड्डी कितनी सफाई से काटी इसे भी दिखाया गया है। शाम को एसएसपी की ओर से जारी प्रेस नोट में इस वीडियो का हवाला देकर अपनी आरी थ्योरी को सही साबित करने का भरसक प्रयास किया गया।

आईजी का सवाल पारदर्शिता क्यों नहीं ?

Akhilesh comment on media in gauri case.

गौरी हत्याकांड के खुलासे पर लगातार सवाल उठते देख आईजी जोन ने बुधवार को विवेचक से लेकर डीआईजी तक की बैठक बुलाकर सवाल किया कि आखिर पारदर्शिता क्यों नहीं है? संगीन वारदात के खुलासे पर पीड़ित परिवार ही नहीं समाज को भी जिज्ञासा रहती है।

उन्होंने पुलिस टीम को सारे संदेह दूर करने के टिप्स दिए और सात दिन में स्थिति स्पष्ट करने को कहा। आईजी जोन जकी अहमद ने गौरी की गुमशुदगी से लेकर उसकी हत्या व खुलासे तक हुई कार्रवाई की गहन समीक्षा की।

बैठक में मौजूद डीआईजी आरके चतुर्वेदी, एसएसपी यशस्वी यादव, सीओ कैसरबाग राजेश श्रीवास्तव व विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर अमीनाबाद महंथ यादव से भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने की वजह पूछी और उसे दूर करने को कहा।

संगीन वारदात में पारदर्शिता बनाए रखने की बात कही। चेताया कि पारदर्शिता के अभाव में सच भी आसानी से गले नहीं उतरता। गौरी हत्याकांड की पड़ताल के दौरान पुलिस ने जो रूट चार्ट जारी किया। उस पर समय अंकित था, लेकिन स्पष्ट नहीं किया कि वह मोबाइल कॉल या एसएमएस का लोकेशन है अथवा इंटरनेट लॉग दर्शाया गया है।

सही लोकेशन का प्रचार होने से आरोपी के भागने का अंदेशा था तो मीडिया से स्थिति स्पष्ट करके लोकेशन को छुपाए रखते।
गौरी के शरीर को आरी से काटा जाना लोगों के गले इसलिए नहीं उतर रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारी ने मीडिया को स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

ऐसे साफ करें स्थिति

Akhilesh comment on media in gauri case.

हिमांशु प्रजापति के घर से बरामद आरी, उस पर लगे बाल व गौरी के अवशेष को जल्द ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजकर डीएनए टेस्ट कराएं। हिमांशु प्रजापति का पुलिस कस्टडी रिमांड लें। डीआईजी व एसएसपी की मौजूदगी में उससे पूछताछ करें और गौरी के माता-पिता की शंकाओं को मालूम करके उनसे संबंधित सवाल करें।

शंका समाधान के दौरान गौरी के माता-पिता को ऐसी जगह बैठाएं जहां से हिमांशु से पूछताछ उन्हें सुनाई दे। आरी व स्टेशनरी दुकानदार के यहां के सीसीटीवी फुटेज एकत्र करने की कोशिश करें। मालूम करें कि हिमांशु प्रजापति के घर के रास्तों पर सीसीटीवी लगे हैं या नहीं।

रास्ते के सीसीटीवी कैमरों में गौरी को उसके साथ जाने और बाइक पर शव के टुकड़े ले जाने के फुटेज प्राप्त करने की कोशिश की जानी चाहिए।

आईजी ने एसएसपी से कहा कि दोनों दुकानदारों के अलावा भी गवाह जुटाने की कोशिश करें और मजिस्ट्रेट के समक्ष उनके कलमबंद बयान दर्ज कराएं।

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