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मायावती के बाद अखिलेश का बयान, कहा गठबंधन एक प्रयोग था, जरूरी नहीं कि हर प्रयोग सफल हो

Thu, 06 Jun 2019 09:57 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Thu, 06 Jun 2019 09:57 PM IST
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akhilesh comment after mayawati, says gathbandhan is an experiment
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
बसपा सुप्रीमो मायावती के अकेले विधानसभा उप चुनाव लड़ने के बयान के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बड़े सधे अंदाज में जवाब दिया है। कहा, मैं इंजीनियरिंग का छात्र रहा हूं, इसलिए प्रयोग करता रहता हूं। 
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लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ गठबंधन के तौर पर एक प्रयोग किया था, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने कहा, प्रयोग करने से व्यक्ति को अपनी कमजोरियों के बारे पता जरूर चलता है। अखिलेश ने ये बातें बुधवार को कही। वह राजधानी के ईदगाह में मुस्लिम समाज को ईद की बधाई देने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। 
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अखिलेश व डिंपल का सम्मान किए जाने संबंधी मायावती के बयान का जवाब देते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि वह शुरू में ही कह चुके हैं कि मायावती का सम्मान ही उनका सम्मान है। वह आज भी मायावती का सम्मान करते हैं। 
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जहां तक गठबंधन या अकेले उप चुनाव लड़ने का मुद्दा है तो राजनीति में सारे विकल्प खुले रहते हैं। साथ ही कहा, अगर अकेले चुनाव लड़ने की स्थिति बनती है तो वह भी अपने पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके रणनीति तैयार करेंगे कि कैसे चुनाव लड़ा जाए। 

केंद्र सरकार की योजनाओं की वजह से लोकसभा चुनाव में शिकस्त मिलने के सवाल पर अखिलेश ने कहा, यह चुनाव अमीरी-गरीबी के मुद्दे पर लड़ा ही नहीं गया था। इसलिए इस मुद्दे की वजह से हारने की बात गलत है। लेकिन अब जनता को सोचना चाहिए कि आखिर क्या वजह है कि अमीर आदमी और अमीर तो गरीब व्यक्ति और गरीब हो रहा है।

अखिलेश ने सपा नेताओं की हत्या की घटनाओं के लिए प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था और सरकार के भेदभावपूर्ण रवैये का नतीजा बताया। कहा, गाजीपुर में सपा कार्यकर्ता की हत्या होती है तो कई दिनों बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आता है। जबकि अमेठी में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या होती है तो पुलिस 24 घंटे के भीतर ही आरोपियों को पकड़ लाती है। इससे उजागर होता है कि सरकार के इशारे पर पुलिस भेदभावपूर्ण कार्यवाही कर रही है।
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