हटेंगे कुछ और मंत्री, कसी जाएगी नौकरशाही!
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लोकसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश सरकार और सपा संगठन की ओवरहॉलिंग की तैयारी है।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, महासचिव रामगोपाल यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच शुक्रवार को लंबी बैठक में कुछ कड़े कदम उठाने पर सहमति बनी।
माना जा रहा है कि कुछ मंत्री और दर्जाप्राप्त मंत्री हटाए जा सकते हैं। बदलाव की आहट पंचम तल पर भी है। शासन और जिला स्तर पर नौकरशाही में जल्द बड़ा फेरबदल होगा।
आधा दर्जन मंत्री हटाए जा सकते हैं
सपा लोकसभा चुनाव में हार के कारणों की लगातार समीक्षा कर रही है।
प्रत्याशियों, विधायकों, जिलाध्यक्षों और युवा नेताओं के साथ बैठकों में मुलायम सिंह यादव को मंत्रियों, दर्जाधारी मंत्रियों समेत तमाम नेताओं की भूमिका को लेकर नकारात्मक फीडबैक मिला हैं।
ऐसी संभावना है कि प्रदेश के लगभग आधा दर्जन मंत्री हटाए जा सकते हैं। इनमें अधिकांश मंत्री पूर्वांचल के बताए जा रहे हैं।
बलिया में नीरज शेखर की हार भी एक-दो मंत्रियों को भारी पड़ सकती है। गाजीपुर में शिवकन्या की हार और आजमगढ़ में मुलायम सिंह की हल्की जीत से भी सपा नेतृत्व नाखुश है। दोनों जगह मंत्रियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं।
मंडलायुक्त,जिलाधिकारियों पर भी गिरेगी गाज
यह संभावना जताई जा रही है कि भविष्य के समीकरणों को देखते हुए मंत्रिमंडल से किसी मुस्लिम सदस्य को शायद ही हटाया जाए।
इसके अलावा सूचना विभाग की कार्यप्रणाली में बदलाव लाए जाने पर भी चर्चा हुई। एक तिहाई मंडलायुक्त और एक चौथाई जिलाधिकारियों को भी हटाया जा सकता है।
ऐसी संभावना है कि पंचम तल पर दो या तीन अफसरों की तैनाती होगी। एक-दो अधिकारियों को वहां से हटाया जा सकता है। पूर्व में पंचम तल पर रहे एक-दो अफसरों की फिर वापसी हो सकती है।