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अखिलेश और मायावती के बीच इन मुद्दों को लेकर जल्द हो सकती है मुलाकात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 11 May 2018 09:56 AM IST
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मायावती व अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती के बीच जल्द ही मुलाकात की संभावना है। सूत्रों की मानें तो कर्नाटक चुनाव से खाली होकर बसपा सुप्रीमो लखनऊ आते ही अखिलेश के साथ बैठक कर सकती हैं।
इनके बीच कैराना व नूरपुर में उपचुनाव और लोकसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा होगी। संभावित बैठक में चुनावी गठबंधन व सीटों पर भी बात होने की संभावना है। इस बैठक के लिए पार्टी स्तर पर तैयारियां चल रही हैं, वहीं दोनों पार्टियां अपनी सांगठनिक ताकत को मजबूत करने में जुट गई हैं।
इसी कड़ी में प्रदेश बसपा अध्यक्ष राम अचल राजभर ने बृहस्पतिवार को पार्टी की मासिक बैठक में संगठन को विस्तार देने के लिए पदाधिकारियों से विचार-विमर्श किया। उन्होंने बूथ कमेटी के गठन का काम 31 मई तक पूरा करने का निर्देश दिया। बूथ कमेटियां बनाने में यह ख्याल रखा जाएगा कि इसमें 50 प्रतिशत युवकों की भागीदारी हो। प्रदेश अध्यक्ष ने निष्क्रिय सदस्यों को हटाकर उनकी जगह सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल करने का निर्देश दिया है।
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इनके बीच कैराना व नूरपुर में उपचुनाव और लोकसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा होगी। संभावित बैठक में चुनावी गठबंधन व सीटों पर भी बात होने की संभावना है। इस बैठक के लिए पार्टी स्तर पर तैयारियां चल रही हैं, वहीं दोनों पार्टियां अपनी सांगठनिक ताकत को मजबूत करने में जुट गई हैं।
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इसी कड़ी में प्रदेश बसपा अध्यक्ष राम अचल राजभर ने बृहस्पतिवार को पार्टी की मासिक बैठक में संगठन को विस्तार देने के लिए पदाधिकारियों से विचार-विमर्श किया। उन्होंने बूथ कमेटी के गठन का काम 31 मई तक पूरा करने का निर्देश दिया। बूथ कमेटियां बनाने में यह ख्याल रखा जाएगा कि इसमें 50 प्रतिशत युवकों की भागीदारी हो। प्रदेश अध्यक्ष ने निष्क्रिय सदस्यों को हटाकर उनकी जगह सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल करने का निर्देश दिया है।
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बूथ गठन के बाद जून तक सेक्टर कमेटियों के गठन का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर पर काडर प्रशिक्षण का काम शुरू होगा। इसमें फ्रंटल संगठन बामसेफ आदि भी शामिल होंगे।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि कहीं भी कोई घटना हो तो वहां जरूर जाएं। पीड़ित पक्ष की मदद करें। थाने पर न जाकर जिले के कप्तान व डीएम से मिलकर शिकायत दर्ज कराएं। इसके बाद भी अगर सुनवाई नहीं होती है तो वह प्रदेश पदाधिकारियों तक बात पहुंचाएं।
बसपा सुप्रीमो के निर्देश पर संगठन को मजबूत करने का काम तेजी से हो रहा है। सर्व समाज को बसपा से जोड़ने पर विशेष फोकस है। कैराना व नूरपुर उपचुनाव में बसपा के स्टैंड के बारे में पूछने पर राम अचल ने कहा, यह पार्टी का नीतिगत मामला है। इस पर मायावती फैसला ही करेंगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि कहीं भी कोई घटना हो तो वहां जरूर जाएं। पीड़ित पक्ष की मदद करें। थाने पर न जाकर जिले के कप्तान व डीएम से मिलकर शिकायत दर्ज कराएं। इसके बाद भी अगर सुनवाई नहीं होती है तो वह प्रदेश पदाधिकारियों तक बात पहुंचाएं।
बसपा सुप्रीमो के निर्देश पर संगठन को मजबूत करने का काम तेजी से हो रहा है। सर्व समाज को बसपा से जोड़ने पर विशेष फोकस है। कैराना व नूरपुर उपचुनाव में बसपा के स्टैंड के बारे में पूछने पर राम अचल ने कहा, यह पार्टी का नीतिगत मामला है। इस पर मायावती फैसला ही करेंगी।