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दिल्ली में दानिश से गले मिले अजय राय : भविष्य की सियासत के नजरिए से अहम मानी जा रही है दोनों की मुलाकात

Wed, 27 Sep 2023 09:11 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 27 Sep 2023 09:11 PM IST
सार

कांग्रेस प्रदेश इकाई की ओर से 30 लोकसभा सीट को प्रथम श्रेणी की मान कर तैयारी की जा रही है। प्रदेश में सपा भले बड़ी पार्टी है, लेकिन कांग्रेस खुद को याचक की भूमिका में नहीं रखना चाहती है। यही वजह है कि अब बसपा से नजदीकी बढाई जा रही है।

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Ajay Rai met Danish in Delhi: Efforts to increase proximity with BSP along with pressure on SP
बसपा सांसद दानिश अली और अजय राय - फोटो : amar ujala

विस्तार

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय बुधवार को अपनी टीम के साथ दिल्ली पहुंचे। उन्होंने बसपा सांसद दानिश अली से मुलाकात की। दोनों गले मिले। घंटेभर सियासी मुद्दे पर मंथन हुआ। उनकी इस मुलाकात को भविष्य के लिए सियासी नजरिए से अहम माना जा रहा है। यह मुलाकात एक तरफ से सपा पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है तो दूसरी तरफ सियासी संभावनाओं की ओर भी इशारा कर रहा है।

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कांग्रेस के नेतृत्व में बने इंडिया गठबंधन राज्यवार अपनी ताकत बढ़ाने और स्थितियों के आकलन में जुटा है। उत्तर प्रदेश में सपा मुख्य विपक्षी दल है, लेकिन कांग्रेस खुद को कमतर नहीं आंक रही हैं। यही वजह है कि मऊ उपचुनाव जीतने के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सपा को नसीहत दी। यहां तक कहा कि कांग्रेस के सहयोग से मऊ जीत गए, लेकिन उत्तराखंड की बागेश्वर सीट पर सपा ने उम्मीदवार उतार भाजपा की मदद की। इस आरोप के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में वे सीट मांगने वाले नहीं बल्कि बांटने वाले हैं। किसी न किसी रूप में कांग्रेस को यह भी नागवार लगा है। 
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सूत्रों की मानें तो कांग्रेस प्रदेश इकाई की ओर से 30 लोकसभा सीट को प्रथम श्रेणी की मान कर तैयारी की जा रही है। प्रदेश में सपा भले बड़ी पार्टी है, लेकिन कांग्रेस खुद को याचक की भूमिका में नहीं रखना चाहती है। यही वजह है कि अब बसपा से नजदीकी बढाई जा रही है। पिछले दिनों प्रियंका गांधी के बसपा प्रमुख मायावती से मिलने की चर्चा थी। बुधवार को अजय राय दिल्ली पहुंचे और बसपा सांसद दानिश अली से मिलने पहुंचे। उनके साथ संगठन सचिव अनिल यादव, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल व तौकीर आलम भी साथ थे। इस मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह औपचारिक मुलाकात थी। देश व प्रदेश के सियासी हालात पर बातचीत हुई है। भाजपा की संप्रदायवादी मानसिकता का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। 
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गठबंधन के सवाल पर उन्होंने यह फैसला शीर्ष नेतृत्व का होने की बात कही। सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच करीब घंटेभर उत्तर प्रदेश की सियासत पर मंत्रणा हुई है। कुछ सीटों की स्थितियों पर भी चर्चा हुई है। प्रदेश में बसपा के 10 सांसद हैं। वह भी अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है। ऐसे में बसपा को इंडिया गठबंधन में शामिल करने की दिशा में दानिश नई कड़ी साबित हो सकते हैं। दूसरी तरफ सियासी जानकारों का कहना है कि अजय राय और दानिश के गले मिलते हुए तस्वीर सार्वजनिक करने के सियासी निहितार्थ स्पष्ट हैं। भाजपा सांसद के बयान के बाद अल्पसंख्यकों में आक्रोश है। कांग्रेस सहानुभूति दिखाकर पुराने वोटबैंक को जोड़ने का प्रयास कर रही है। दूसरी अहम बात यह है कि सपा की ओर से जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उस पर दबाव बनाने की भी रणनीति है।

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