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पर्सनल लॉ बोर्ड ने शरई मामलों पर फैले दुष्प्रचार से निपटने के लिए बनाया प्लान, अपनाएंगे ये तरीका
Tue, 18 Dec 2018 04:00 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 18 Dec 2018 04:00 PM IST
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बैठक का एक दृश्य।
- फोटो : amar ujala
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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी शरई मामलों को लेकर फैल रहे दुष्प्रचार को रोकने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेगा। बोर्ड ने दहेज, महंगी शादियां, शराब व अन्य बुराइयों को मुस्लिम समाज से दूर करने के लिए तहरीक इस्लाहे मआशरा वेबसाइट शुरू की है।
यह निर्णय फैजुल्लागंज स्थित जामिया अलमोमिनीन मैमूना इस्लामिया लिलबनात में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सोशल मीडिया डेस्क की कार्यशाला के दौरान लिए गए।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए दारुल उलूम नदवतुल उलमा के प्रधानाचार्य मौलाना डॉ. सईदुर्रहमान आजमी नदवी ने कहा कि वर्तमान में सोशल मीडिया की पहुंच काफी बढ़ गई है। शरई मामलों को लेकर भ्रांतियां फैलाने की साजिश भी इसी से हो रही है।
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बोर्ड ने इन भ्रांतियों को दूर करने और इस्लाम के खिलाफ साजिशों से मुकाबिल होने के लिये सोशल मीडिया डेस्क तैयार की है। डेस्क इस्लाम में महिलाओं के अधिकारों के साथ ही निकाह व तलाक की बारीकियों को समझाने का काम रही है। इस मौके पर मौलाना ने वेबसाइट का उद्घाटन भी किया।
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यह निर्णय फैजुल्लागंज स्थित जामिया अलमोमिनीन मैमूना इस्लामिया लिलबनात में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सोशल मीडिया डेस्क की कार्यशाला के दौरान लिए गए।
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कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए दारुल उलूम नदवतुल उलमा के प्रधानाचार्य मौलाना डॉ. सईदुर्रहमान आजमी नदवी ने कहा कि वर्तमान में सोशल मीडिया की पहुंच काफी बढ़ गई है। शरई मामलों को लेकर भ्रांतियां फैलाने की साजिश भी इसी से हो रही है।
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बोर्ड ने इन भ्रांतियों को दूर करने और इस्लाम के खिलाफ साजिशों से मुकाबिल होने के लिये सोशल मीडिया डेस्क तैयार की है। डेस्क इस्लाम में महिलाओं के अधिकारों के साथ ही निकाह व तलाक की बारीकियों को समझाने का काम रही है। इस मौके पर मौलाना ने वेबसाइट का उद्घाटन भी किया।
बच्चों को इस्लामी शिक्षा से अवगत कराएं महिलाएं : रिजवान
बोर्ड के सचिव मौलाना उमरैन महफूज रहमानी ने कहा कि उच्च शिक्षित या भाषा की जानकारी रखने वालों को सोशल मीडिया से जोड़ा जा रहा है। इसके जरिए अब तक 5 लाख लोगों को जोड़ा जा चुका है। मौलाना नजरुल हफीज नदवी ने कहा कि देश और दुनियां में मुसलमानों के पर्सनल लॉ को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में हमें क्षेत्रीय भाषाओं का इस्तेमाल कर उन्हें सही बात बतानी होगी। इस दौरान लोगों से सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सुझाव भी मांगे गए।
कार्यशाला में पूर्व डीजीपी रिजवान अहमद ने कहा कि मौजूदा हालात में सोशल मीडिया की ताकत समझनी चाहिए। ऐसे में महिलाओं की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है। वे घरों में इस्लामी शिक्षा से बच्चों को अवगत कराएं ताकि वे गलतफहमियों पर जवाब दे सकें।
कार्यशाला में पूर्व डीजीपी रिजवान अहमद ने कहा कि मौजूदा हालात में सोशल मीडिया की ताकत समझनी चाहिए। ऐसे में महिलाओं की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है। वे घरों में इस्लामी शिक्षा से बच्चों को अवगत कराएं ताकि वे गलतफहमियों पर जवाब दे सकें।
मौलाना खालिद रशीद को मिली यूपी की जिम्मेदारी
बोर्ड ने यूपी में लोगों को सोशल मीडिया से जोड़ने और हिंदुओं व अन्य मजहब के लोगों तक अपनी बात पहुंचाने की जिम्मेदारी बोर्ड कार्यकारिणी सदस्य एवं ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली को दी है।
तीन तलाक व निकाह को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने के लिए बोर्ड मुस्लिम वीमेन हेल्पलाइन का टोल फ्री नंबर-18001028426 जारी कर चुका है। वेबसाइट aimplboard.in, व्हाट्स एप नंबर 9834397200 पर भ्रांतियां दूर की जा रही हैं। ईमेल आईडी imwhl2016@gmail.com से भी समाधान किए किए जा रहे हैं।
तीन तलाक व निकाह को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने के लिए बोर्ड मुस्लिम वीमेन हेल्पलाइन का टोल फ्री नंबर-18001028426 जारी कर चुका है। वेबसाइट aimplboard.in, व्हाट्स एप नंबर 9834397200 पर भ्रांतियां दूर की जा रही हैं। ईमेल आईडी imwhl2016@gmail.com से भी समाधान किए किए जा रहे हैं।