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राम मंदिर पर अचानक बढ़ी गतिविधियां राजनीतिक, आंदोलन बेहद खतरनाक होगा: एआईएमपीएलबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 04 Nov 2018 11:52 PM IST
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अयोध्या
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के आंदोलन करने के बयान को ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने बेहद खतरनाक बताया है। बोर्ड के महासचिव ने मौलाना वली रहमानी ने रविवार को कहा कि मंदिर निर्माण को लेकर अचानक बढ़ी गतिविधियां पूरी तरह राजनीतिक है।
उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए यह दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन तथाकथित हिंदूवादी संगठन दरअसल क्या करेंगे, अभी तक इसका अंदाजा नहीं है।
मंदिर निर्माण के लिए वर्ष 1992 जैसा व्यापक आंदोलन छेड़ने के संघ के इशारे के बारे में रहमानी ने कहा कि संघ अगर आंदोलन शुरू करता है तो यह बहुत घातक होगा और इससे देश में अफरातफरी का माहौल पैदा होगा।
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उन्होंने कहा कि 1992 में हिंदू और मुस्लिमों के बीच नफरत इतनी ज्यादा नहीं थी। हाल के वर्षों में दोनों के बीच खाई बहुत गहरी हो गई है।
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उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए यह दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन तथाकथित हिंदूवादी संगठन दरअसल क्या करेंगे, अभी तक इसका अंदाजा नहीं है।
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मंदिर निर्माण के लिए वर्ष 1992 जैसा व्यापक आंदोलन छेड़ने के संघ के इशारे के बारे में रहमानी ने कहा कि संघ अगर आंदोलन शुरू करता है तो यह बहुत घातक होगा और इससे देश में अफरातफरी का माहौल पैदा होगा।
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उन्होंने कहा कि 1992 में हिंदू और मुस्लिमों के बीच नफरत इतनी ज्यादा नहीं थी। हाल के वर्षों में दोनों के बीच खाई बहुत गहरी हो गई है।
गौरतलब है कि संघ के सर कार्यवाहक भैयाजी जोशी ने कहा था कि हिंदू समाज चाहता है कि राम मंदिर का निर्माण हो। अगर जरूरत पड़ी तो हम आंदोलन करने से भी नहीं हिचकिचाएंगे।
सब्र से काम लें : जमीयत
इस बीच, जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी ने कहा कि अयोध्या मामले को लेकर उनका एक ही जवाब है कि मामला अदालत में है। ऐसे में सभी को सब्र से काम लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। हठधर्मिता से देश को नुकसान होगा।
सब्र से काम लें : जमीयत
इस बीच, जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी ने कहा कि अयोध्या मामले को लेकर उनका एक ही जवाब है कि मामला अदालत में है। ऐसे में सभी को सब्र से काम लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। हठधर्मिता से देश को नुकसान होगा।