{"_id":"6739185ff88d54f9c80f5e84","slug":"ai-may-be-important-in-stroke-management-lucknow-news-c-13-1-lko1103-955501-2024-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: स्ट्रोक के प्रबंधन में अहम हो सकता एआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: स्ट्रोक के प्रबंधन में अहम हो सकता एआई
विज्ञापन
कार्यक्रम में मौजूद सदस्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। केजीएमयू के न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आरके गर्ग के मुताबिक स्ट्रोक के मरीजों में आर्टिफिशिल इंटेलीजेंस (एआई) की भूमिका बेहद अहम हो सकती है। वे शनिवार को एरा विवि में आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। कार्यशाला का आयोजन भारतीय तंत्रिका विज्ञान अकादमी व एरा विवि के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से किया गया।
एरा विवि के कुलपति प्रो. अब्बास अली ने कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों और फैकल्टी का स्वागत किया। भारतीय तंत्रिका विज्ञान अकादमी, लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार खन्ना ने समारोह की अध्यक्षता की। सीएसआईआर-भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रजनीश कुमार चतुर्वेदी ने अल्जाइमर रोग में पुनर्योजी चिकित्सा पर बात की। कार्यशाला के आयोजन सचिव प्रो. सैयद शादाब रजा ने धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
एरा विवि के कुलपति प्रो. अब्बास अली ने कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों और फैकल्टी का स्वागत किया। भारतीय तंत्रिका विज्ञान अकादमी, लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार खन्ना ने समारोह की अध्यक्षता की। सीएसआईआर-भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रजनीश कुमार चतुर्वेदी ने अल्जाइमर रोग में पुनर्योजी चिकित्सा पर बात की। कार्यशाला के आयोजन सचिव प्रो. सैयद शादाब रजा ने धन्यवाद दिया।
विज्ञापन