महागठबंधन से अलग होने के फैसले पर पुनर्विचार करें मुलायम: बुखारी
दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने के फैसले पर पुनर्विचार के लिए सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा है।
बुखारी ने कहा कि अगर सपा अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती है तो लोग कहेंगे कि वह भाजपा से मिल गई है और इसका सपा पर बुरा असर पड़ेगा।
मुलायम और अखिलेश को लिखे पत्र में अहमद बुखारी ने कहा है कि सपा के फैसले से धर्मनिरपेक्ष ताकतों खासकर मुसलमानों में काफी बेचैनी है।
केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों ने पिछड़ेपन के मामले में मुसलमानों को दलितों से भी नीचे धकेल दिया है। मुल्क की एकता, शांति, एकजुटता और भविष्य पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। चौतरफा सांप्रदायिक हमलों से मुसलमान खुद को घिरा हुआ महसूस कर रहे हैं।
सेकुलर छवि पर भरोसा कर दिया मुलायम को वोट
बुखारी ने पत्र में लिखा है कि यूपी में 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव की सेकुलर छवि पर भरोसा करते हुए और सांप्रदायिक ताकतों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए मुसलमानों ने सपा को वोट और समर्थन दिया था।
बुखारी ने मुलायम को चुनावी वादे याद दिलाते हुए कहा कि चुनाव से पहले सपा प्रमुख से मुसलमानों की समस्याओं पर आश्वासन के बाद उन्होंने पार्टी की हिमायत करने का ऐलान किया था।
चुनाव में सपा की भरपूर हिमायत की भी लेकिन तीन साल से ज्यादा वक्त गुजर जाने के बाद भी जेलों में बंद बेगुनाहों की रिहाई, सच्चर कमेटी की रिपोर्ट पर अमल, सुरक्षा बलों में मुसलमानों की भर्ती, राज्य में सरकारी उर्दू मीडियम स्कूल, मुसलमानों को आरक्षण, उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति और अन्य मामलों पर अभी तक कोई ठोस काम नहीं हुआ।