{"_id":"5f55cd9b8ebc3e367f12ba55","slug":"agro-base-industrial-corridor-to-be-built-for-tourists-with-ram-mandir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राममंदिर संग पर्यटकों के लिए बनेगा एग्रो बेस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, मूर्तिकला को मिलेगी खास तवज्जो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राममंदिर संग पर्यटकों के लिए बनेगा एग्रो बेस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, मूर्तिकला को मिलेगी खास तवज्जो
Mon, 07 Sep 2020 11:35 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 07 Sep 2020 11:35 AM IST
विज्ञापन
ram mandir
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीराममंदिर निर्माण के साथ प्रदेश सरकार यहां पर्यटकों के लिए एग्रो बेस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की तैयारी में है। इसमें यहां की खासियत को ब्रांड बनाया जाएगा। खासकर सांस्कृतिक, पौराणिक व कृषि आधारित वस्तुओं को लघु उद्योगों से जोड़ने की तैयारी है।
हुनरमंदों को सरकार कम ब्याज दर पर लोन भी दिलाएगी। इसके लिए पूरा प्रस्ताव तैयार हो रहा है। इसका फायदा यह होगा कि स्थानीय हुनरमंदों को रोजगार तो मिलेगा ही साथ में पर्यटक अयोध्या की स्थानीय वस्तुओं से रूबरू भी हो सकेंगे।
एक अनुमान के अनुसार अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन जाने के बाद प्रतिदिन कम से कम 50 हजार पर्यटक व श्रद्धालु आएंगे। इसमें पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी जिज्ञासा ये होगी कि अयोध्या की अपनी स्थानीय वस्तु कौन सी है। साथ ही पर्यटक व श्रद्धालु इसको अपने साथ ले भी जाएंगे।
विज्ञापन
इसको लेकर प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत कार्य करने की योजना बना रही है। इसमें कौशल विकास मिशन, संस्कृति विभाग, लघु उद्योग विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य विभाग मंथन कर रहे हैं। शासन में दो बार समस्त विभागों की बैठक हो चुकी है।
विज्ञापन
हुनरमंदों को सरकार कम ब्याज दर पर लोन भी दिलाएगी। इसके लिए पूरा प्रस्ताव तैयार हो रहा है। इसका फायदा यह होगा कि स्थानीय हुनरमंदों को रोजगार तो मिलेगा ही साथ में पर्यटक अयोध्या की स्थानीय वस्तुओं से रूबरू भी हो सकेंगे।
विज्ञापन
एक अनुमान के अनुसार अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन जाने के बाद प्रतिदिन कम से कम 50 हजार पर्यटक व श्रद्धालु आएंगे। इसमें पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी जिज्ञासा ये होगी कि अयोध्या की अपनी स्थानीय वस्तु कौन सी है। साथ ही पर्यटक व श्रद्धालु इसको अपने साथ ले भी जाएंगे।
विज्ञापन
इसको लेकर प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत कार्य करने की योजना बना रही है। इसमें कौशल विकास मिशन, संस्कृति विभाग, लघु उद्योग विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य विभाग मंथन कर रहे हैं। शासन में दो बार समस्त विभागों की बैठक हो चुकी है।
अब तक अयोध्या के लिए जो स्वरूप सामने आया है उसमें यह है कि अयोध्या में एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह एग्रो बेस पर आधारित होगा। इसके लिए कोई अलग से स्थान निर्धारित नहीं किया जाएगा, बल्कि मौजूदा समय में हाईवे के किनारे बसे लोगों को ही ट्रेनिंग व फाइनेंसिंग की सुविधा दी जाएगी।
मूर्तिकला को मिलेगी खास तवज्जो
अयोध्या के लिए खासतौर पर मूर्ति कला, पौराणिक कथाओं के आधार पर आधारित उद्योग को बढ़ावा देने की योजना है। अयोध्या में मूर्ति कला पर वर्षों से कार्य हो रहा है। साथ ही यहां पर मिट्टी के बर्तन बनाने से लेकर मूर्तियां सहित अन्य मिट्टी के समान कुम्हार बनाते आ रहे हैं। पर्यटन की दृष्टि से इसको पहले की अपेक्षा अधिक विकसित कर ब्रांडिंग की जाएगी।
इसी प्रकार मशहूर फैजाबादी गुड़ को भी योजना से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही अयोध्या के मैंगो बेल्ट सोहावल के नेशनल हाईवे पर बसे लोगों को अचार, मुरब्बा व चुनिंदा पेड़ों की नर्सरी लगाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही हाईवे के अंदरूनी गांव के लिए गाइड, सोशल फार्मिंग, फ्लोरी कल्चर आदि की ट्रेनिंग दी जाएगी। कुल मिलाकर ये है कि यहां की स्थानीय हुनरमंदों के लिए नई अयोध्या में बहुत कुछ होगा।
फूल के कारोबार के लिए दी जाएगी ट्रेनिंग
रायबरेली व आजमगढ़ में हाईवे किनारे बसे गांवों के किसानों को बेहतर किस्म के फूल की खेती करने की ट्रेनिंग व टिप्स देने की योजना है। अयोध्या में बड़े पैमाने पर लग्जरी होटल व रेस्टोरेंट खुलने जा रहे हैं। इसके लिए मिनरल वाटर व टिशू पेपर की बड़े पैमाने पर जरूरत होगी। योजना ये है कि अयोध्या शहर में पहले से ही वाटर प्लांट विभिन्न लोगों की ओर से लगाए गए हैं।
मूर्तिकला को मिलेगी खास तवज्जो
अयोध्या के लिए खासतौर पर मूर्ति कला, पौराणिक कथाओं के आधार पर आधारित उद्योग को बढ़ावा देने की योजना है। अयोध्या में मूर्ति कला पर वर्षों से कार्य हो रहा है। साथ ही यहां पर मिट्टी के बर्तन बनाने से लेकर मूर्तियां सहित अन्य मिट्टी के समान कुम्हार बनाते आ रहे हैं। पर्यटन की दृष्टि से इसको पहले की अपेक्षा अधिक विकसित कर ब्रांडिंग की जाएगी।
इसी प्रकार मशहूर फैजाबादी गुड़ को भी योजना से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही अयोध्या के मैंगो बेल्ट सोहावल के नेशनल हाईवे पर बसे लोगों को अचार, मुरब्बा व चुनिंदा पेड़ों की नर्सरी लगाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही हाईवे के अंदरूनी गांव के लिए गाइड, सोशल फार्मिंग, फ्लोरी कल्चर आदि की ट्रेनिंग दी जाएगी। कुल मिलाकर ये है कि यहां की स्थानीय हुनरमंदों के लिए नई अयोध्या में बहुत कुछ होगा।
फूल के कारोबार के लिए दी जाएगी ट्रेनिंग
रायबरेली व आजमगढ़ में हाईवे किनारे बसे गांवों के किसानों को बेहतर किस्म के फूल की खेती करने की ट्रेनिंग व टिप्स देने की योजना है। अयोध्या में बड़े पैमाने पर लग्जरी होटल व रेस्टोरेंट खुलने जा रहे हैं। इसके लिए मिनरल वाटर व टिशू पेपर की बड़े पैमाने पर जरूरत होगी। योजना ये है कि अयोध्या शहर में पहले से ही वाटर प्लांट विभिन्न लोगों की ओर से लगाए गए हैं।
लगभग 15 से अधिक पानी के प्लांट अवैध रूप से चल रहे हैं। योजना ये है कि इन्हीं पानी के प्लांटों को लाइसेंस जारी कर ब्रांड बनाया जाएगा। ऐसी ही कुछ योजना टिशू पेपर को भी लेकर है। कुछ कागज के छोटे उद्योगों को भी स्थापित किया जाएगा। इस पर भी मंथन हो रहा है कि जलकुंभी से कागज को बनाया जाए। ये समस्त कार्य हाईवे से सटे इलाकों में होंगे।
रामायण कॉरिडोर पर भी योजना का होगा विस्तार
फिलहाल अभी योजना है कि अयोध्या को जोड़ने वाले हाईवे को चौड़ा कर इस पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसमें अयोध्या को जोड़ने वाले मुख्यमार्ग सहादतगंज- नयाघाट का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही अयोध्या को काशी, मथुरा, इलाहाबाद, कुशीनगर, चित्रकूट सहित अन्य धर्मनगरी से सीधे जोड़ने के लिए रामायण कॉरिडोर के नाम से नया कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। बाद में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की योजना उस पर भी लागू होगी।
अयोध्या में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने के लिए बैठक हो चुकी है। कौशल विकास, लघु उद्योग, राष्ट्रीय मार्ग प्राधिकरण, संस्कृति विभाग सहित कई विभागों की संयुक्त बैठक हुई है। इसमें अयोध्या को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के साथ अयोध्या के स्थानीय हुनरमंदों की ब्रांडिंग किये जाने की तैयारी हैं। इसमें लघु उद्योगों के तहत सरकार कम ब्याज व आसान किस्तों पर लोन दिलाएगी। इससे अयोध्या का रोजगार तो बढे़गा ही साथ में आत्मनिर्भर भारत की भी तस्वीर दिखाई देगी।
डॉ. विनोद श्रीवास्तव, अध्यक्ष, विषय विशेषज्ञ, भूमि अधिग्रहण समिति, उत्तर प्रदेश सरकार
रामायण कॉरिडोर पर भी योजना का होगा विस्तार
फिलहाल अभी योजना है कि अयोध्या को जोड़ने वाले हाईवे को चौड़ा कर इस पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसमें अयोध्या को जोड़ने वाले मुख्यमार्ग सहादतगंज- नयाघाट का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही अयोध्या को काशी, मथुरा, इलाहाबाद, कुशीनगर, चित्रकूट सहित अन्य धर्मनगरी से सीधे जोड़ने के लिए रामायण कॉरिडोर के नाम से नया कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। बाद में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की योजना उस पर भी लागू होगी।
अयोध्या में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने के लिए बैठक हो चुकी है। कौशल विकास, लघु उद्योग, राष्ट्रीय मार्ग प्राधिकरण, संस्कृति विभाग सहित कई विभागों की संयुक्त बैठक हुई है। इसमें अयोध्या को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के साथ अयोध्या के स्थानीय हुनरमंदों की ब्रांडिंग किये जाने की तैयारी हैं। इसमें लघु उद्योगों के तहत सरकार कम ब्याज व आसान किस्तों पर लोन दिलाएगी। इससे अयोध्या का रोजगार तो बढे़गा ही साथ में आत्मनिर्भर भारत की भी तस्वीर दिखाई देगी।
डॉ. विनोद श्रीवास्तव, अध्यक्ष, विषय विशेषज्ञ, भूमि अधिग्रहण समिति, उत्तर प्रदेश सरकार