फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   agitation by teachers of aided degree colleges

खून से लिखा खत, फिर भी खामोश हैं सीएम

Fri, 15 Nov 2013 03:34 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Fri, 15 Nov 2013 03:34 PM IST
विज्ञापन
agitation by teachers of aided degree colleges

प्रदेश के 331 एडेड डिग्री कालेजों के अनुमोदित अध्यापकों द्वारा अपने विनियमितीकरण की मांग को लेकर धरना एवं क्रमिक भूख हड़ताल आज 61वें दिन जारी रही, लेकिन सरकार का कोई भी प्रतिनिधि इनकी सुधि लेने नहीं आया।

विज्ञापन


संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. केएस पाठक ने कहा कि लोक बन्धु राजनारायण एवं लोहिया के आदर्शो पर चलने वाली सरकार उनके सिद्धान्तो से भटक गयी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एवं शासन के उपेक्षात्मक रवैए से दुखी डिग्री शिक्षक सरकार का ध्यान खींचने करने के लिए शुक्रवार को धरने के 60वें दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खून से पत्र लिखा।
विज्ञापन


इसके बावजदू, न अखिलेश का कोई पैगाम आया और न ही कोई सरकारी मुलाजिम ही शिक्षकों की बात सुनने के लिए गया।

पढ़िए: 'इससे अच्छा तो हम भीख मांगकर जीयें'
विज्ञापन
विज्ञापन


पाठक ने कहा कि अगर सरकार इसके बाद भी हमारी सुधि नही लेती है और विनियमितीकरण का अपना किया वादा पूरा नही करती है तो हम और भी कठोर कदम उठाने को बाध्य होंगे।


अवध विश्वविद्यालय के डॉ. राजू निगम एवं डॉ. पीके सिंह ने कहा कि जब यूजीसी की गाइडलाइन सरकार को मिल चुकी है, जिसमें उसने 80 प्रतिशत अनुदान देने की बात कही है।

यह भी पढ़ें: छठ नहीं मनाया, नही मनाएंगे देव दीपावली

शेष 20 प्रतिशत यूपी सरकार को देना है, जो छात्रों से ली जाने वाली फीस से पूरी हो जाएगी। सरकार के ऊपर कोई वित्तीय भार भी नही पड़ेगा तब सरकार को विनियमितीकरण करने में क्या दिक्कत है।

शिक्षक बोले, नेताजी का यह रवैया समझ से परे

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed