चिप्स लेने गई बच्ची से 71 साल के दरिंदे ने की रेप की कोशिश
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लखनऊ के गाजीपुर क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम दुकान पर चिप्स का पैकेट लेने आई छठी क्लास की छात्रा से 71 साल के व्यक्ति ने दरिंदगी करने की कोशिश की। वह मुंह दबाकर छात्रा को दुकान के अंदर खींच ले गया।
जहां उसके कपड़े फाड़कर रेप की कोशिश की। चीख-पुकार सुनकर लोग दौड़े और दरिंदे को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, गाजीपुर निवासी पेंटिंग का काम करने वाले की बेटी (11) निजी स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा है। बृहस्पतिवार शाम छात्रा पड़ोस की परचून की दुकान पर चिप्स का पैकेट लेने गई थी।
इसी दौरान दरिंदे दुकानदार ने छात्रा को दुकान के अंदर चिप्स का पैकेट लेने के लिए बुलाया। छात्रा चिप्स का पैकेट ले रही थी तभी दुकानदार ने उसे दबोच लिया और दुकान के पिछले हिस्से में ले गया।
जहां छात्रा के कपड़े फाड़ दिए और रेप की कोशिश की। इससे घबराई छात्रा रोने लगी। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो दरिंदे ने उसे छोड़ दिया। सहमी छात्रा रोते हुए घर पहुंची और आपबीती बताई।
घटना से आक्रोशित लोगों ने दरिंदे की जमकर धुनाई की। सूचना पर पहुंची पुलिस आरोपी को थाने ले आई। वहीं दुकानदार को छुड़ाने की पैरवी करने के लिए सपा की झंडा लगी लग्जरी गाड़ियों से कई नेता पहुंचे। पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया है। मासूम को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा गया है।
घंटे भर कमरे के कोने में दुबकी रही छात्रा
हैवानियत का मंजर देख छात्रा सहम गई थी। वह रोते-बिलखते घर पहुंची और सहमी बैठी रही। परिवारीजन उसे ढांढस बंधाने में जुटे रहे। करीब एक घंटे बाद दरिंदे के पुलिस के चंगुल में होने के बाद वह कमरे से बाहर निकली और थाने पहुंची। थाने में दरिंदे को देखकर छात्रा अपनी मां से चिपककर रोने लगी।
घटना से आक्रोशित परिजनों व मुहल्ले वालों में दरिंदे के प्रति काफी आक्रोश था। लोगों ने दरिंदे की दुकान पर पथराव भी किया। हालांकि पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। लोगों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी कार्रवाई सजा दिलाने की मांग की।
मासूम छात्रा उस दुकानदार को अपने बाबा की तरह मानती थी। मुहल्ले वाले उसे अब्बू कहते थे। छात्रा भी उसे अब्बू कहकर पुकारती थी। स्कूल से लौटने बाद कई बार अपने दोस्तों की बातें सुनाने दुकान पर पहुंच जाती थी।
बुजुर्ग की उम्र को देखते हुए घरवालों को भी कभी उस पर शक नहीं हुआ। अचानक इस हैवानियत का पता परिवारीजनों को लगा तो उनका भी खून खौल उठा।