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Lucknow News: निलंबन पर रोक के बाद रजिस्ट्रार ने संभाला चार्ज
Sun, 01 Dec 2024 02:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 01 Dec 2024 02:01 AM IST
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लखनऊ। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव के निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट से रोक लगने के बाद कुलसचिव ने फिर से नौकरी जॉइन कर ली है। इस संबंध में उन्होंने कुलपति को सूचना भी भेज दी है। ऐसे में अब एक ही विवि में दो कुलसचिव तैनात होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों में ऊहापोह की स्थिति है।
बीबीएयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो. एनएमपी वर्मा ने गत सप्ताह विवि के कुलसचिव डॉ. अश्विनी सिंह को निलंबित करते हुए उन्हें पुस्तकालय से संबद्ध कर दिया था। उनके स्थान पर विश्वविद्यालय में गृह विज्ञान विद्यापीठ की संकायाध्यक्ष प्रो. यूवी किरण को कार्यवाहक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया था। निलंबन के बाद रजिस्ट्रार को 18 बिंदुओ की चार्जशीट भी थमाई गई थी, इसमें उन पर अपने करीबियों को लाभ देने के साथ ही 20 करोड़ रुपये की धांधली के आरोप भी लगाए गए थे।
निलंबित कुलसचिव डॉ. अश्विनी सिंह ने कुलपति को निलंबित करने का अधिकारी न मानते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को उनके निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही पूरे मामले में विवि को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश भी दिया है। वहीं कोर्ट से राहत मिलने के बाद कुलसचिव ने बताया कि उन्होंने नौकरी जॉइन कर ली है और इसकी सूचना भी कुलपति को भेज दी है। बताया, सोमवार से वह सभी कार्यालयी दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
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बीबीएयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो. एनएमपी वर्मा ने गत सप्ताह विवि के कुलसचिव डॉ. अश्विनी सिंह को निलंबित करते हुए उन्हें पुस्तकालय से संबद्ध कर दिया था। उनके स्थान पर विश्वविद्यालय में गृह विज्ञान विद्यापीठ की संकायाध्यक्ष प्रो. यूवी किरण को कार्यवाहक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया था। निलंबन के बाद रजिस्ट्रार को 18 बिंदुओ की चार्जशीट भी थमाई गई थी, इसमें उन पर अपने करीबियों को लाभ देने के साथ ही 20 करोड़ रुपये की धांधली के आरोप भी लगाए गए थे।
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निलंबित कुलसचिव डॉ. अश्विनी सिंह ने कुलपति को निलंबित करने का अधिकारी न मानते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को उनके निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही पूरे मामले में विवि को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश भी दिया है। वहीं कोर्ट से राहत मिलने के बाद कुलसचिव ने बताया कि उन्होंने नौकरी जॉइन कर ली है और इसकी सूचना भी कुलपति को भेज दी है। बताया, सोमवार से वह सभी कार्यालयी दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
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