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Lucknow News: हमारे राम के बाद लखनऊ की लेखनी से निकले मेरे कृष्ण
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नाटक मेरे कृष्ण के कलाकार व सफेद कुर्ते में कवि नरेश कात्यायन
लखनऊ। श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी संपूर्ण यात्रा को मंच पर जीवंत करने वाला महानाट्य ‘मेरे कृष्ण’ की चर्चा इन दिनों पूरे देश में है। अलग-अलग शहरों में छह माह के भीतर 80 मंचन हो चुके हैं। खास बात यह है कि इस नाटक के लेखक लखनऊ के ही वरिष्ठ कवि नरेश कात्यायन हैं। इससे पहले वे अभिनेता आशुतोष राणा अभिनीत महानाट्य हमारे राम का भी लेखन कर चुके हैं जिसने देश-विदेश में काफी ख्याति अर्जित की थी। अब मेरे कृष्ण का मंचन राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 2 व 3 अक्तूबर को होने जा रहा है।
अमर उजाला से बातचीत में नरेश कात्यायन ने बताया कि नाटक में गोकुल-वृंदावन से लेकर मथुरा, द्वारिका, हस्तिनापुर, कुरुक्षेत्र और प्रभास तक की श्रीकृष्ण की जीवन-यात्रा को मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि नाटक के निर्देशक राजीव सिंह दिनकर और निर्माता विवेक गुप्ता, राजीव सिंह दिनकर व विष्णु पाटिल हैं। इसमें टीवी धारावाहिक महाभारत से लोकप्रिय हुए कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। सौरभ राज जैन श्रीकृष्ण की भूमिका में हैं तो वहीं राधा जी और महामाया की भूमिका पूजा शर्मा निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले यह नाटक प्रेम को केंद्र में रखकर लिखा गया। बाद में पुनः विचार करके श्रीकृष्ण के समग्र स्वरूप को ध्यान में रखकर इसकी मैंने पुनर्रचना की।
लखनऊ से वाराणसी पहुंचेगा कारवां, 1008 शो का लक्ष्य
नाटक के निर्देशक राजीव सिंह दिनकर ने बताया कि दो अक्तूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर ऑडिटोरियम में नाटक के दो शो होंगे। पहला शो दोपहर दो से शाम पांच बजे और दूसरा शाम सात से रात 10 बजे तक होगा। तीन अक्तूबर को दोपहर 12 से तीन बजे तक एक शो होगा। इसके बाद चार अक्तूबर को वाराणसी में भी दो शो होंगे। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीकृष्ण के 1008 नामों को क्रमश: एक-एक प्रदर्शन के लिए समर्पित कर इस महानाट्य के 1008 शो पूरे किए जाएंगे। इस भव्य प्रस्तुति में 130 से अधिक कलाकार और तकनीशियन जुड़े हैं। नाटक की कथा डॉ. नरेश कात्यायन ने लिखी है और संगीत उद्भव ओझा का है। शान, पलक मुच्छल और जावेद अली की आवाज ने इसे संगीत की गहराइयों में उतार दिया है।
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अमर उजाला से बातचीत में नरेश कात्यायन ने बताया कि नाटक में गोकुल-वृंदावन से लेकर मथुरा, द्वारिका, हस्तिनापुर, कुरुक्षेत्र और प्रभास तक की श्रीकृष्ण की जीवन-यात्रा को मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि नाटक के निर्देशक राजीव सिंह दिनकर और निर्माता विवेक गुप्ता, राजीव सिंह दिनकर व विष्णु पाटिल हैं। इसमें टीवी धारावाहिक महाभारत से लोकप्रिय हुए कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। सौरभ राज जैन श्रीकृष्ण की भूमिका में हैं तो वहीं राधा जी और महामाया की भूमिका पूजा शर्मा निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले यह नाटक प्रेम को केंद्र में रखकर लिखा गया। बाद में पुनः विचार करके श्रीकृष्ण के समग्र स्वरूप को ध्यान में रखकर इसकी मैंने पुनर्रचना की।
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लखनऊ से वाराणसी पहुंचेगा कारवां, 1008 शो का लक्ष्य
नाटक के निर्देशक राजीव सिंह दिनकर ने बताया कि दो अक्तूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर ऑडिटोरियम में नाटक के दो शो होंगे। पहला शो दोपहर दो से शाम पांच बजे और दूसरा शाम सात से रात 10 बजे तक होगा। तीन अक्तूबर को दोपहर 12 से तीन बजे तक एक शो होगा। इसके बाद चार अक्तूबर को वाराणसी में भी दो शो होंगे। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीकृष्ण के 1008 नामों को क्रमश: एक-एक प्रदर्शन के लिए समर्पित कर इस महानाट्य के 1008 शो पूरे किए जाएंगे। इस भव्य प्रस्तुति में 130 से अधिक कलाकार और तकनीशियन जुड़े हैं। नाटक की कथा डॉ. नरेश कात्यायन ने लिखी है और संगीत उद्भव ओझा का है। शान, पलक मुच्छल और जावेद अली की आवाज ने इसे संगीत की गहराइयों में उतार दिया है।

नाटक मेरे कृष्ण के कलाकार व सफेद कुर्ते में कवि नरेश कात्यायन
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