UP: भाजपा की हार से सहमा संघ, करेगा बड़े फैसले
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उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद भाजपा के प्रदेश नेताओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने जिलों के पदाधिकारियों से उपचुनाव में भाजपा की हार के कारणों की जानकारी मांगी है।
यह जानकारी संघ के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखी जाएगी। संघ नेतृत्व रिपोर्ट का विश्लेषण करके यूपी में आगे की स्थिति व चुनौतियों से निपटने के बारे में रणनीति बनाएगा। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट सूबे के भाजपा नेताओं के भविष्य का फैसला करने वाली होगी।
आरएसएस के क्षेत्र व प्रांत स्तर के शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक 28 सितंबर को लखनऊ में बुलाई गई है। इसमें संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल व केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मधुभाई कुलकर्णी भी रहेंगे।
यह बैठक वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी अभियान ‘नमामि गंगे’ को धरातल पर उतारने की कार्ययोजना बनाने के लिए बुलाई गई है, लेकिन डॉ. कृष्ण गोपाल संघ की तरफ से उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी भी हैं।
संघ को मोदी जैसे व्यक्तित्व की तलाश
बैठक में उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के संघ के सभी प्रमुख पदाधिकारी भी आएंगे। ऐसे में बैठक में उपचुनाव के निराशाजनक नतीजे पर भी चर्चा होगी।
संघ चिंतित: उपचुनाव के नतीजे से संघ नेतृत्व के कान खड़े हो गए हैं। संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी कहते भी हैं कि नतीजों से साफ लग रहा है कि लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के चलते भले ही लोगों ने भाजपा पर भरोसा कर लिया हो लेकिन प्रदेश के नेताओं में से ज्यादातर उसकी कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं। संघ की चिंता यही है।
बात सही भी है, उपचुनाव के नतीजों को अगर बानगी माना जाए तो संघ को 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत दिखाई दे रही है।
संघ को यूपी में मोदी की तरह कोई ऐसा चेहरा खोजना होगा जो लोगों में भरोसा पैदा कर सके। इस तरह यह बैठक सूबे के भाजपा नेताओं के भविष्य से भी जुड़ गई है।