फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   After 9 hours babies got treatment

नौ घंटे के बाद मिला नवजात को इलाज

Wed, 06 Aug 2014 10:44 AM IST
मनीष सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
मनीष सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 06 Aug 2014 10:44 AM IST
विज्ञापन
After 9 hours babies got treatment

सरकारी अस्पतालों के एनआईसीयू और एसएनसीयू की लचर व्यवस्था नवजातों की जान पर भारी पड़ने लगी है।

विज्ञापन


परिवारीजन दो नवजात को लेकर भटकते रहे लेकिन सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर उनको एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजते रहे।

लापरवाही का आलम ये रहा कि केजीएमयू के बाल रोग विभाग के बाहर मां बाप नवजात को लेकर बेड खाली होने का इंतजार करते रहे लेकिन इलाज नहीं मिला।

वहीं दूसरी ओर सिविल अस्पताल से नवजात को बिना रेफरल स्लिप और एम्बुलेंस दिए ही ट्रॉमा रेफर कर दिया गया।

सरकारी अस्पतालों के सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट और न्यू बोर्न केयर यूनिट की लचर व्यवस्था नवजात बच्चों की जान पर भारी पड़ने लगी है।

बहराइच के रहने वाले नंदकिशोर की पत्नी रिता (26) का दस दिन पहले प्रसव हुआ था।

नंदकिशोर ने बताया कि मंगलवार को सुबह चार बजे सात दिन की गुड़िया को वो गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने ओपीडी में दिखाने की बात कहकर लौटा दिया।

उसके बाद नवजात को लेकर परिवारीजन करीब पांच बजे बलरामपुर अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने एनआईसीयू की सुविधा न होने की बात कहकर लौटा दिया।

नंदकिशोर नवजात को वापस लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो भर्ती नहीं किया गया और बाल रोग विभाग भेज दिया गया।

वहां पहुंचने के बाद एनआईसीयू में बेड खाली न होने की बात कहकर वार्ड से निकाल दिया गया। इसके बाद मां रीता नवजात को लेकर वार्ड के बाहर बैठी रही।

बच्चे की हालत खराब होते देख पिता ने हंगामा करना शुरू कर दिया तो मौके पहुंची बाल रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. माला कुमार ने बच्चे को वापस ट्रॉमा सेंटर भेजा तब जाकर करीब नौ घंटे बाद उसे भर्ती किया गया।

विज्ञापन


वहीं दूसरी ओर गोसाईंगंज की मालती भी अपने तेरह दिन के नवजात मयंक को लेकर सिविल अस्पताल पहुंची।

वहां इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने डायरिया की शिकायत के बाद केजीएमयू रेफर कर दिया लेकिन नियमानुसार बच्चे की न तो रेफरल स्लिप बनाई गई और न ही केजीएमयू जाने के लिए एम्बुलेंस दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed