आखिरकार जेल पहुंचा 17 साल से फरार सांसद
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सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में 17 साल से फरार चल रहे पूर्व राज्यसभा सदस्य बनवारी लाल कंछल को जेल भेज दिया गया है।
कंछल ने सोमवार को ही कोर्ट में समर्पण किया था। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अपूर्व सिंह ने कंछल की जमानत अर्जी खारिज करते हुए उसे जेल भेज दिया। इस मामले की सुनवाई अब 30 जुलाई को होगी।
अदालत ने हाजिर न होने पर 7 जून 1997 को कंछल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
यही नहीं, बीते 11 जुलाई को गिरफ्तारी वारंट के साथ ही कंछल की फरार घोषित कर दिया गया था। साथ ही इस संबंध में अदालत ने एसएसपी को कड़ा पत्र भी लिखा था।
मुझे लगा मुकदमा खत्म हो गया है: कंछल
कंछल ने जमानत अर्जी में बताया कि वह इस गलतफहमी में थे कि उनके खिलाफ चल रहा मुकदमा खत्म हो गया है।
इसी के चलते कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहा था। कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए कहा कि वह कोर्ट में चल रहे मुकदमें में 17 साल से फरार है।
थाने से यह भी रिपोर्ट आई है कि कंछल के जमानतदार सुशील कुमार की मौत हो चुकी है।
क्या है मामला
31 अगस्त 1987 को आयकर अधिकारी महेश चंद्र ने अमीनाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वे पोस्ट आफिस के सामने स्थित ठाकुर दास एण्ड ब्रदर्स की दुकान पर आयकर सर्वेक्षण करने गये थे।
वहां दुकान के साझीदार ठाकुर दास व उनके दो भाइयों ने बनवारीलाल कंछल व पड़ोस के अन्य दुकानदारों की मदद से सर्वेक्षण कार्य बंद करा दिया।
यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने सर्वेक्षण करने गई टीम के साथ न केवल हाथापाई, गालीगलौज किया बल्कि सर्वेक्षण के कागजात भी फाड़ डाले।
पुलिस ने मामला दर्ज करके विवेचना के बाद 30 सितंबर 1987 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।