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Lucknow News: नेट की मेरिट व साक्षात्कार के अंकों के आधार पर होंगे पीएचडी में प्रवेश
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डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय
लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में पीएचडी की 278 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया आठ मई से शुरू होगी। मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने विषयवार सीटों का विस्तृत ब्योरा जारी कर दिया। कुल सीटों में 144 राष्ट्रीय (पूर्णकालिक व अंशकालिक) और 134 अंतरराष्ट्रीय (सुपरन्यूमेरी) सीटें शामिल हैं।
इस बार विश्वविद्यालय अपनी अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं करेगा। प्रवेश पूरी तरह से यूजीसी नेट की मेरिट और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर होगा। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. यशवंत वीरोदय के अनुसार, चयन में 70 प्रतिशत वेटेज नेट स्कोर और 30 प्रतिशत वेटेज साक्षात्कार को दिया जाएगा।
प्रवेश निदेशक प्रो. अनामिका चौधरी ने बताया कि ललित कला एवं प्रदर्शन कला में चार, हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं में आठ अंतरराष्ट्रीय सीटें उपलब्ध हैं। अंग्रेजी व विदेशी भाषाओं में 14 राष्ट्रीय और 10 अंतरराष्ट्रीय, वाणिज्य में नौ राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय, प्रबंधन में 12 राष्ट्रीय व आठ अंतरराष्ट्रीय सीटें हैं। भौतिकी में 10 राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय, कंप्यूटर विज्ञान में एक राष्ट्रीय व दो अंतरराष्ट्रीय, सूक्ष्मजीव विज्ञान में दो अंतरराष्ट्रीय, गणित व सांख्यिकी में पांच राष्ट्रीय व चार अंतरराष्ट्रीय सीटें निर्धारित की गई हैं। सूचना प्रौद्योगिकी में आठ राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय तथा रसायन विज्ञान में तीन राष्ट्रीय व दो अंतरराष्ट्रीय सीटों पर प्रवेश होगा।
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विशेष शिक्षा के तहत दृष्टिबाधित में 11 राष्ट्रीय व आठ अंतरराष्ट्रीय, श्रवण बाधित में 14 राष्ट्रीय व आठ अंतरराष्ट्रीय और बौद्धिक दिव्यांगता में चार राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय सीटें हैं। इसके अलावा समाज कार्य में आठ-आठ, राजनीति विज्ञान व लोक प्रशासन में 13 राष्ट्रीय व 12 अंतरराष्ट्रीय, समाजशास्त्र में चार राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय, अर्थशास्त्र में 21 राष्ट्रीय व 11 अंतरराष्ट्रीय, इतिहास व पुरातत्व में 10 राष्ट्रीय व 12 अंतरराष्ट्रीय और विधि में सात राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय सीटों पर प्रवेश होंगे।
कुलपति आचार्य संजय सिंह के अनुसार विश्वविद्यालय में शोध को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से इस बार पीएचडी सीटों में बढ़ोतरी की गई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त अवसर सुनिश्चित किए गए हैं।
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इस बार विश्वविद्यालय अपनी अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं करेगा। प्रवेश पूरी तरह से यूजीसी नेट की मेरिट और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर होगा। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. यशवंत वीरोदय के अनुसार, चयन में 70 प्रतिशत वेटेज नेट स्कोर और 30 प्रतिशत वेटेज साक्षात्कार को दिया जाएगा।
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प्रवेश निदेशक प्रो. अनामिका चौधरी ने बताया कि ललित कला एवं प्रदर्शन कला में चार, हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं में आठ अंतरराष्ट्रीय सीटें उपलब्ध हैं। अंग्रेजी व विदेशी भाषाओं में 14 राष्ट्रीय और 10 अंतरराष्ट्रीय, वाणिज्य में नौ राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय, प्रबंधन में 12 राष्ट्रीय व आठ अंतरराष्ट्रीय सीटें हैं। भौतिकी में 10 राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय, कंप्यूटर विज्ञान में एक राष्ट्रीय व दो अंतरराष्ट्रीय, सूक्ष्मजीव विज्ञान में दो अंतरराष्ट्रीय, गणित व सांख्यिकी में पांच राष्ट्रीय व चार अंतरराष्ट्रीय सीटें निर्धारित की गई हैं। सूचना प्रौद्योगिकी में आठ राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय तथा रसायन विज्ञान में तीन राष्ट्रीय व दो अंतरराष्ट्रीय सीटों पर प्रवेश होगा।
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विशेष शिक्षा के तहत दृष्टिबाधित में 11 राष्ट्रीय व आठ अंतरराष्ट्रीय, श्रवण बाधित में 14 राष्ट्रीय व आठ अंतरराष्ट्रीय और बौद्धिक दिव्यांगता में चार राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय सीटें हैं। इसके अलावा समाज कार्य में आठ-आठ, राजनीति विज्ञान व लोक प्रशासन में 13 राष्ट्रीय व 12 अंतरराष्ट्रीय, समाजशास्त्र में चार राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय, अर्थशास्त्र में 21 राष्ट्रीय व 11 अंतरराष्ट्रीय, इतिहास व पुरातत्व में 10 राष्ट्रीय व 12 अंतरराष्ट्रीय और विधि में सात राष्ट्रीय व छह अंतरराष्ट्रीय सीटों पर प्रवेश होंगे।
कुलपति आचार्य संजय सिंह के अनुसार विश्वविद्यालय में शोध को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से इस बार पीएचडी सीटों में बढ़ोतरी की गई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त अवसर सुनिश्चित किए गए हैं।