{"_id":"f1cb0ac49e6431122db24cb4f2a0750a","slug":"admission-in-btc-basis-of-internet-marksheet","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटरनेट की मार्कशीट के आधार पर बीटीसी में दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटरनेट की मार्कशीट के आधार पर बीटीसी में दाखिला
दीप सिंह/लखनऊ
Updated Thu, 28 Nov 2013 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीटीसी में दाखिले के लिए अब इंटरनेट से डाउनलोड की हुई स्नातक की मार्कशीट भी मान्य होगी।
विज्ञापन
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद(एससीईआरटी) ने इस तरह का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
शासन से स्वीकृति के इंतजार में ही फिलहाल बीटीसी की काउंसिलिंग प्रक्रिया अभी रुकी हुई है। इस मुद्दे पर शासन केनिर्णय केबाद ही मेरिट तैयार की जाएगी।
बीटीसी में दाखिले के लिए काउंसलिंग का पहला चरण पूरा हो चुका है। इसमें जिला स्तर पर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे।
पढ़ें-खता 25 हजार कैंडिडेट्स की, सजा भुगतेंगे 6 लाख
उसके बाद सभी जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में दस्तावेजों की जांच की गई थी। इसमें शामिल सभी अभ्यर्थियों का ब्योरा एससीईआरटी को भेज दिया गया है।
विज्ञापन
अब प्रदेश स्तर पर मेरिट तैयार होनी है। इसी बीच दस्तावेजों की जांच के आधार पर कई अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त किए गए थे।
इनमें करीब डेढ़ हजार ऐसे थे जिन्होंने काउंसलिंग केदौरान मूल अंकपत्र पेश नहीं किए थे। उनके पास इंटरनेट से जारी मार्कशीट थी।
नियमावली केअनुसार मूल अंकपत्र जरूरी है। इसी आधार पर करीब डेढ़ हजार अभ्यर्थियों केआवेदन निरस्त कर दिए गए थे।
जिनके आवेदन निरस्त हुए उन्होंने अपने प्रत्यावेदन दिए और इंटरनेट की मार्कशीट को भी मान्य करने की मांग की।
खासकर दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाले अभ्यर्थियों ने तर्क दिया है कि वहां मैनुअल मार्कशीट दी ही नहीं जाती।
पढ़ें- इस बार भी सुस्त होगी चाल बीटीसी सत्र की
विज्ञापन
सिर्फ इंटरनेट पर ही मार्कशीट जारी होती है। उसका सत्यापन भी इंटरनेट पर किया जा सकता है। डिग्री भी अभी मिली नहीं है।
अभ्यर्थियों की इस दलील केबाद एससीईआरटी ने शासन को प्रस्ताव भेजा है कि इंटरनेट की मार्कशीट को भी मान्य किया जाए।
शासन इसे स्वीकृति दे देता है तो सभी विश्वविद्यालयों केछात्रों को लाभ होगा जो इंटरनेट पर मार्कशीट जारी करते हैं।