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अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी हाईकोर्ट में तलब : निरीक्षक प्रोन्नति सूची बनाने में हाईकोर्ट के आदेश का अवहेलना का मामला
Sun, 08 Aug 2021 09:54 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 08 Aug 2021 09:54 PM IST
सार
हाईकोर्ट इलाहाबाद ने यह आदेश 20 फरवरी 2019 को जारी किया। जिसमें शासन के आदेश, वरिष्ठता सूची व आउट आफ टर्न प्रोन्नति की सूची पर रोक लगा दी। इस मामले में शासन ने दो महीने का समय मांगा था। लेकिन शासन ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल नहीं किया।
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अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
निरीक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के मामले में हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करना अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी को तलब किया गया है। यह आदेश हाईकोर्ट इलाहाबाद के न्यायमूर्ति अट्टू रहमान मसूदी ने दिया है।
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निरीक्षकों के पदोन्नति को लेकर हाईकोर्ट इलाहाबाद पीठ ने शासन के 29 जुलाई 2015 को जारी हुए प्रोन्नति के आदेश, 23 जुलाई 2015 के आउट आफ टर्न प्रमोशन की वरिष्ठता सूची और 24 फरवरी 2016 को जारी वरिष्ठता सूची को निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट इलाहाबाद ने यह आदेश 20 फरवरी 2019 को जारी किया। जिसमें शासन के आदेश, वरिष्ठता सूची व आउट आफ टर्न प्रोन्नति की सूची पर रोक लगा दी। इस मामले में शासन ने दो महीने का समय मांगा था। कहा कि शपथ पत्र दाखिल करेंगे। लेकिन शासन ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल नहीं किया।
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इसी बीच पिछले साल हाईकोर्ट में अमर सिंह रघुवंशी व अन्य एक शासन पर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना करने की याचिका दायर की। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अट्टू रहमान मसूदी ने 4 अगस्त को आदेश जारी किया। जिसमें कहा कि विपक्षी अपर सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और डीजीपी उत्तर प्रदेश ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया। वहीं न ही शपथ पत्र दाखिल किया। दोनों विपक्षी अधिकारी 11 अगस्त को न्यायालय में पेश होकर अपना पक्ष रखें।
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