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अगस्त से अमौसी एयरपोर्ट की कमान संभाल सकता है अडानी ग्रुप

Fri, 05 Jul 2019 01:42 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jul 2019 01:42 AM IST
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adani group can takeover amausi airoort from august
अगस्त से अमौसी एयरपोर्ट की कमान संभाल सकता है अडानी ग्रुप
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- छह कंपनियां टेंडर में हुई थीं शामिल, अडानी ने जीती थी बिड
- एयरपोर्ट के रुके कार्यों को मिलेगी गति, यूजर चार्ज हो सकता है कम
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। अमौसी एयरपोर्ट की कमान अगस्त से अडानी ग्रुप संभाल सकता है। टीम एयरपोर्ट का सर्वे करेगी। यात्री सुविधाओं से लेकर निर्माण कार्यों तक की समीक्षा के बाद पदाधिकारी एयरपोर्ट पर बैठना शुरू होंगे। बता दें कि गत फरवरी में अडानी ग्रुप ने अमौसी एयरपोर्ट की बिड जीती थी।
चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सालाना 50 लाख से अधिक घरेलू व अंतरराष्ट्रीय यात्री सफर करते हैं। हाल ही में 14 सौ करोड़ रुपये से एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। ऐसे ही नए फायर फाइटिंग सिस्टम, विमानों के हैंगरों के निर्माण भी शुरू कर दिए गए हैं जिससे 22 विमानों की पार्किंग इमरजेंसी में एयरपोर्ट पर की जा सकेगी। सालाना कमाई भी बढ़ रही है। लेकिन इसी क्रम में केंद्र सरकार की ओर से अमौसी एयरपोर्ट समेत अहमदाबाद, जयपुर, गुवाहाटी, त्रिवेंद्रम, मंगलुरु एयरपोर्ट को निजी हाथों में सौंपने का फैसला लिया गया था। इसमें अमौसी एयरपोर्ट के लिए छह कंपनियों ने आवेदन किए थे, जिसमें अडानी ग्रुप ने अमौसी एयरपोर्ट की बिड जीती थी। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि एक महीने में कंपनी के पदाधिकारी एयरपोर्ट प्रशासन से मुलाकात कर कमान संभाल लेंगे। हालांकि, अमौसी एयरपोर्ट प्रशासन इस पर कुछ भी खुलकर बोलने से इनकार कर रहा है।
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नेविगेशन-एटीसी संभालेगी एएआई
अमौसी एयरपोर्ट के निजी हाथों में चले जाने से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) केपास नेविगेश-एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की कमान रह जाएगी। एयरपोर्ट प्रशासन की मानें तो यह सुरक्षा से जुड़ा मसला है, इसलिए निजी हाथों में नहीं सौंपा जा सकता। जबकि एयरपोर्ट प्रशासन से लेकर ग्राउंड स्टाफ, नई योजनाओं का निर्धारण, वर्तमान योजनाओं का क्रियान्वयन, रनवे एक्सटेंशन, पैसेंजर सुविधाएं, लाउंज, ट्रैफिक मैनेजमेंट व इंजीनियरिंग से जुड़े काम वगैरह अडानी ग्रुुप संभालेगा।
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अटके कामों को मिलेगी गति
एयरपोर्ट पर रनवे का एक्सटेंशन पिछले कई वर्षों से अटका है, चूंकि राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध नहीं कराई, इसलिए यह काम नहीं हुआ। अब जब एयरपोर्ट प्राइवेट हाथों में आ गया है तो उम्मीद जताई जा रही है कि यह काम पूरा हो जाएगा। यूजर चार्ज भी कम होने केआसार हैं। हालांकि, एयरपोर्ट पर बिकने वाले सामानों के रेट बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सर्वे के बाद तय होगी रणनीति
एयरपोर्ट प्रशासन से जुड़े लोगों की मानें तो अडानी ग्रुप की टीम अगले महीने तक एयरपोर्ट आएगी, यहां सर्वे करेगी। नए टर्मिनल सहित अन्य निर्माण कार्यों की गति व रूपरेखा पर मंथन करेगी। इतना ही नहीं एयरपोर्ट के किन हिस्सों से राजस्व प्राप्त हो सकता है और क्या नई सुविधाएं शुरू की जा सकती हैं, इस पर विचार-विमर्श करेगी।
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