बिना इलाज किए मरीजों को लौटाने वाले डॉक्टरों की आएगी शामत
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परिवार कल्याण एवं मातृ शिशु राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविदास मेहरोत्रा ने साफ कहा है कि महिलाओं और बच्चों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अगर बिना इलाज किए मरीज लौटाए गए तो डॉक्टरों की खैर नहीं होगी। मंगलवार को एनएचएम दफ्तर का औचक निरीक्षण करते हुए उन्होंने यह बात कही। इसके बाद उन्होंने मिशन निदेशक आलोक कुमार के साथ बैठक की।
इस दौरान उन्होंने टीकाकरण का प्रतिशत 68 से बढ़ाकर 90 से 100 फीसदी तक करने पर जोर दिया और कहा कि अस्पतालों में ऑपरेशनों की संख्या भी बढ़ाई जाए।
104 मेडिकल हेल्पलाइन सेवा जल्द हो शुरू
यदि प्रसूताओं के नाम से खाता नहीं है तो जननी शिशु सुरक्षा योजना राशि को उसके पति के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाए। साथ ही, अस्पतालों के पोस्ट ऑपरेटिव वार्डों में एसी भी लगाए जाएं।
निरीक्षण के दौरान परिवार कल्याण एवं मातृ शिशु राज्यमंत्री ने कहा कि 104 मेडिकल हेल्पलाइन सेवा जल्द शुरू की जाए। इसके अलावा, इलाज संबंधी दिक्कत होने पर मरीज 104 पर ही अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
इनका निराकरण जल्द से जल्द कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस और सीटी स्कैन जांच की व्यवस्था नहीं है, वहां इसकी भी सुविधा जल्द शुरू कराई जाए।