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सजा: भ्रष्टाचार के आरोपी बिजली अभियंताओं पर कार्रवाई जल्द, जांच में कई के खिलाफ मिले पुख्ता सबूत
Fri, 11 Jun 2021 10:34 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 11 Jun 2021 10:34 PM IST
सार
सरकार के निर्देश पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत दागी अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज करने जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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विस्तार
भ्रष्टाचार के आरोपी करीब एक दर्जन बिजली अभियंताओं पर जल्द कार्रवाई हो सकती है। इन अभियंताओं पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, केंद्र सहायतित योजनाओं में गड़बड़ी समेत अन्य आरोप हैं। पावर कार्पोरेशन में हुए डीएचएलएफ घोटाले की जांच प्रभावित करने की कोशिश करने वाले कुछ अभियंता भी रडार पर हैं। जांच कई अभियंताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मिले हैं। कार्रवाई के लिए शासन से मंजूरी लेने की औपचारिकता पूरी की जा रही है। माना जा रहा है इस महीने के अंत तक कई अभियंताओं पर गाज गिर सकती है।
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सरकार के निर्देश पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत दागी अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज करने जा रहा है। इसी साल फरवरी में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दक्षिणांचल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता ओम प्रकाश को बर्खास्त किया गया था। हाल ही में अवैध वसूली के आरोप में नोएडा के एक और अधिशासी अभियंता संजय शर्मा को बर्खास्त किया गया है। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार मौजूदा समय में करीब 40 अभियंताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही है। इसमें मुख्य अभियंता से लेकर सहायक अभियंता स्तर तक के लोग शामिल हैं। इनमें ज्यादातर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत नोएडा व गाजियाबाद, दक्षिणांचल वितरण निगम में अलीगढ़, मध्यांचल वितरण निगम के लेसा व केस्को में लंबे समय तक तैनात रहे हैं और इसी अवधि में इनके ऊपर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने तथा सौभाग्य व दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना जैसी केंद्र सहायतित योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप है। कुछ अभियंताओं पर डीएचएलएफ घोटाले की जांच प्रभावित करने का आरोप भी है।
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भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार करीब एक दर्जन अभियंताओं के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच पूरी हो गई है। जांच में इन अभियंताओं के पास करोड़ों रुपये की बेनानी चल-अचल संपत्ति के सबूत मिले हैं। इसमें अभियंताओं व उनके परिजनों के नाम नोएडा, लखनऊ तथा अन्य बड़े शहरों में भूखंड, फ्लैट, महंगी गाड़ियां, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी तथा अन्य संपत्तियां हैं। अभियंताओं पर पिछली सरकार में मनमाने ढंग से ठेके देने, बिजली के बिलों में संशोधन के नाम पर मोटी उगाही करने, निर्माण कार्यों में गड़बड़ी, बड़े उपभोक्ताओं के कनेक्शन देने में खेल करने समेत तमाम अन्य तरह केआरोप भी हैं।
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विभागीय सतर्कता इकाई के अलावा सतर्कता अधिष्ठान व आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) से इनकी जांच कराई गई है और कई पर आरोप सिद्ध पाए गए हैं। जांच एजेंसियों ने आरोपी अभियंताओं द्वारा अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्तियों का ब्यौरा भी जुटाया है। सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट का परीक्षण अंतिम दौर में हैं। इन अभियंताओं पर कार्रवाई केलिए शासन से मंजूरी की औपचारिकता पूरी की जा रही है। जल्द ही कुछ की बर्खास्तगी व निलंबन के आदेश जारी किए जा सकते हैं।