फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   achievement of doctors of KGMU

केजीएमयू के डॉक्टरों ने आठ साल के बच्चे को दी नई जिंदगी, सांस की नली में फंस गई थी सीटी

Tue, 25 Dec 2018 01:09 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 25 Dec 2018 01:09 PM IST
विज्ञापन
achievement of doctors of KGMU
डॉक्टरों की टीम - फोटो : amar ujala
केजीएमयू के डॉक्टरों ने रविवार रात आठ साल के बच्चे की सांस की नली में फंसी खिलौने वाली सीटी निकाल कर उसे नई जिंदगी दी। जानकारी के मुताबिक, सीतापुर निवासी बेटा आशीष (8) पुत्र दीपक राठौर ने खेलते समय रविवार शाम चार बजे खिलौने में लगी छोटी सीटी निगल गया।
विज्ञापन


वह रोने लगा तो उसके गले से से सीटी जैसी आवाज आने लगी। यह देख परिवारीजनों ने बच्चे को पानी पिलाया, लेकिन उसकी स्थिति जस की तस बनी रही। इस पर वे बच्चे को लेकर केजीएमयू पहुंचे। यहां एसोसिएट प्रोफेसर सुनील कुमार ने एक्स-रे कराया तो पता चला कि बच्चे की आहार नाल में सीटी अटकी है।
विज्ञापन


सांस लेने में दिक्कत होने की वजह से बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। तत्काल एनेस्थीसिया की टीम बुलाई गई और रात करीब 11 बजे एंडोस्कोपिक ऑपरेशन कर सीटी निकाल लिया गया। इससे बच्चे की जान बच गई। डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि सीटी सांस नली के दाहिने हिस्से में फंसी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चे ने निगले दो सिक्के फिर भी बच गई जान

achievement of doctors of KGMU
गले में फंसा सिक्का - फोटो : amar ujala
यह है इलाज करने वाली टीम : बच्चों का इलाज करने वाली टीम में डॉ. सुनील कुमार के साथ डॉ. प्रियंका, डॉ. अम्पु, डॉ धीरेंद्र एवं एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अजय चौधरी व डॉ. विजय बहादुर शामिल थे।

राजधानी के बेहटा निवासी हुमेरा खातून (4) पुत्री नजीरुद्दीन ने खेलते वक्त पांच रुपये और दो रुपये का सिक्का निकल लिया। गले में सिक्का फंसते ही वह रोने लगी। यह देख परिवार के सदस्य उसे लेकर तत्काल ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। ट्रॉमा से बच्ची को ईएनटी विभाग भेजा गया।

यहां डॉ सुनील कुमार की टीम ने कुछ दवाएं दीं, जिससे सिक्का पेट की ओर खिसक गया। डॉ. सुनील ने बताया कि यह संयोग ही है कि सिक्का खिसक गया नहीं तो ऑपरेशन करना पड़ता। अब यह सिक्का पेट में आ गया है और शौच के रास्ते निकल जाएगा। बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है।

घर में बरतें सावधानी
आपका बच्चा छोटे खिलौने से खेल रहा है और उसमें बैट्री लगी है तो सावधआनी बरतें। उसकी गतिविधियों पर नजर रखें। यदि वह रो नहीं पा रहा है या सांस लेने में हिचक रहा है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। संभव है कि खिलौने का कोई हिस्सा गले में फंस गया है। इन दिनों केजीएमयू में इस तरह के मामले रोज आ रहे हैं। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed