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Lucknow News: 68 लाख के घोटाले में ग्राम्य विकास संस्थान के आचार्य सस्पेंड
Fri, 19 May 2023 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 19 May 2023 12:36 AM IST
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गाजीपुर जिले में तैनाती के दौरान मनमाने तरीके से किया गया था भुगतान
10 साल बाद निलंबन के साथ लखनऊ कार्यालय से किया गया संबद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान में आचार्य के पद पर तैनात सुनील कुमार को करीब 68 लाख के घोटाले में सस्पेंड कर दिया गया है। गाजीपुर जिले में तैनाती के दौरान हुए घोटाले के करीब 10 साल बाद निलंबन की कार्रवाई करने के साथ ही उन्हें राज्य ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब लखनऊ से संबद्ध किया गया है। शासन स्तर से कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में हलचल मची है।
क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान गाजीपुर में वर्ष 2008-09 से वर्ष 2012-13 के बीच करीब 68,33,247 रुपये का मनमाने तरीके से भुगतान का मामला पकड़ में आया था। शासन स्तर पर मामला पकड़ में आने के बाद आहरण-वितरण की जांच दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान लखनऊ के महानिदेशक ने की। जांच में धनराशि के गबन की पुष्टि हो गई। घोटाले के दौरान सुनील कुमार गाजीपुर में प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर तैनात थे। उन्होंने प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी/संयुक्त हस्ताक्षरी के रूप में संयुक्त आहरण वितरण अधिकारी के पद पर काम करते हुए भुगतान किया था।
महानिदेशक ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी। राज्यपाल की संस्तुति के बाद ग्राम्य विकास अनुभाग दो के संयुक्त सचिव रमेश चंद्र मिश्रा ने निलंबन की कार्रवाई की है। अब आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्हें राज्य ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को आचार्य के निलंबन का आदेश आने के बाद संस्थान के कर्मचारियों में अफरातफरी का माहौल रहा।
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गाजीपुर में भी तैनाती के दौरान चर्चा में रहे आचार्य
गाजीपुर में घोटाले में निलंबित किए गए क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के आचार्य सुनील कुमार यहां लगातार मनमानी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहे। कई बार संस्थान के कर्मियों ने उनके खिलाफ आवाज भी उठाई। संस्थान में काम कर रहे रविशंकर बाजपेयी और आचार्य के बीच लंबे समय से लिखापढ़ी जारी है। निलंबन की कार्रवाई के बाद अंदर ही अंदर संस्थान के कर्मचारियों में खुशी है तो कुछ में बेचैनी।
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10 साल बाद निलंबन के साथ लखनऊ कार्यालय से किया गया संबद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान में आचार्य के पद पर तैनात सुनील कुमार को करीब 68 लाख के घोटाले में सस्पेंड कर दिया गया है। गाजीपुर जिले में तैनाती के दौरान हुए घोटाले के करीब 10 साल बाद निलंबन की कार्रवाई करने के साथ ही उन्हें राज्य ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब लखनऊ से संबद्ध किया गया है। शासन स्तर से कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में हलचल मची है।
क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान गाजीपुर में वर्ष 2008-09 से वर्ष 2012-13 के बीच करीब 68,33,247 रुपये का मनमाने तरीके से भुगतान का मामला पकड़ में आया था। शासन स्तर पर मामला पकड़ में आने के बाद आहरण-वितरण की जांच दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान लखनऊ के महानिदेशक ने की। जांच में धनराशि के गबन की पुष्टि हो गई। घोटाले के दौरान सुनील कुमार गाजीपुर में प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर तैनात थे। उन्होंने प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी/संयुक्त हस्ताक्षरी के रूप में संयुक्त आहरण वितरण अधिकारी के पद पर काम करते हुए भुगतान किया था।
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महानिदेशक ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी। राज्यपाल की संस्तुति के बाद ग्राम्य विकास अनुभाग दो के संयुक्त सचिव रमेश चंद्र मिश्रा ने निलंबन की कार्रवाई की है। अब आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्हें राज्य ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को आचार्य के निलंबन का आदेश आने के बाद संस्थान के कर्मचारियों में अफरातफरी का माहौल रहा।
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गाजीपुर में भी तैनाती के दौरान चर्चा में रहे आचार्य
गाजीपुर में घोटाले में निलंबित किए गए क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के आचार्य सुनील कुमार यहां लगातार मनमानी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहे। कई बार संस्थान के कर्मियों ने उनके खिलाफ आवाज भी उठाई। संस्थान में काम कर रहे रविशंकर बाजपेयी और आचार्य के बीच लंबे समय से लिखापढ़ी जारी है। निलंबन की कार्रवाई के बाद अंदर ही अंदर संस्थान के कर्मचारियों में खुशी है तो कुछ में बेचैनी।