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UP: पैरोल पाने के लिए लगाया बहन की शादी का फर्जी कार्ड, कोर्ट ने शपथकर्ता को जारी की नोटिस
Wed, 20 Dec 2023 11:03 AM IST
ishwar ashish
मनोज कुमार सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
मनोज कुमार सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 20 Dec 2023 11:03 AM IST
सार
हाईकोर्ट की एकल पीठ ने पैरोल अर्जी खारिज कर दी है और शपथकर्ता को अवमानना नोटिस जारी कर दिया है। पिता का नाम अलग होने के कारण मामले का खुलासा हुआ।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आरोपी की पैरोल मंजूर कराने के लिए बहन की विवाह का फर्जी कार्ड लगाने वाले शपथकर्ता को आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने यह आदेश एकल पीठ से भेजे गए अवमानना मामले में दिया।
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दरअसल, एकल न्यायाधीश की पीठ आरोपी प्रशांत कुमार सिंह की पैरोल अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। इसमें आरोपी की सगी की बहन की शादी में उसे शामिल होने की बात कहकर पैरोल पर रिहा करने का आग्रह किया गया। एकल पीठ ने जब सरकारी वकील से जानकारी मंगवाई तो पुलिस के जरिये पता चला कि सात दिसंबर को आरोपी की सगी बहन के बजाय दूसरी लड़की की शादी थी।
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गाजीपुर जिले के सोनवल गांव निवासी उसके माता-पिता का नाम भी अलग है। एकल पीठ ने पाया कि अर्जी के साथ हलफनामा देने वाले मनीष कुमार सिंह ने पैरोल दिलाने के लिए शादी का फर्जी कार्ड लगाया है। एकल पीठ ने अवमानना संबंधी इस मामले को सुनवाई के लिए दो न्यायाधीशों की खंडपीठ को भेज दिया।
खंडपीठ ने कहा कि पहली नजर में अर्जी के शपथकर्ता मनीष कुमार सिंह ने आपराधिक अवमानना की है। कोर्ट ने उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न अवमानना का दोषी ठहराकर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए। कोर्ट ने मामले को 29 जनवरी को समुचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।