{"_id":"69125179185fe6f676050f3b","slug":"accused-of-making-businessman-a-guarantor-in-a-loan-case-filed-lucknow-news-c-13-knp1050-1465667-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: व्यापारी को लोन में गारंटर बनाने का आरोप, केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: व्यापारी को लोन में गारंटर बनाने का आरोप, केस
विज्ञापन
लखनऊ। मड़ियांव के फैजुल्लागंज निवासी व्यापारी आसिफ ने खदरा के भाई-बहन और सरकारी बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। तीनों पर आसिफ को लोन में गारंटर बनाने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर मड़ियांव पुलिस ने केस दर्ज किया है।
आसिफ ने बताया कि वर्ष 2024 में व्यापार के सिलसिले में उनका परिचय आशीष मौर्या से हुआ था। आशीष ने कहा था कि उसका सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सुभाष मार्ग शाखा के तत्कालीन मैनेजर शोभित श्रीवास्तव से परिचय है। वह उन्हें उनके बैंक से संपत्ति पर लोन दिला सकता है। आशीष ने 12 जुलाई 2024 को बैंक में उनका परिचय शोभित से कराया। बैंक में आशीष की बहन रजनी भी थी।
लोन की प्रक्रिया के नाम पर तीनों ने उनसे संपत्ति के कागज ले लिए और सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। शोभित ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण लोन की रकम खाते में आने के बजाय चेक से दी जाएगी।
विज्ञापन
काफी समय बाद भी उन्हें चेक नहीं मिला। आसिफ ने जब शोभित से संपत्ति के कागज वापस मांगे तो पता चला कि उनके नाम पर कभी लोन पास ही नहीं हुआ था। ब्रांच मैनेजर ने आशीष और रजनी के कहने पर दूसरे लोन में आसिफ को गारंटर बनाया था। पीड़ित ने मड़ियांव थाने में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस कारण कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र के मुताबिक पीड़ित और आरोपियों को बयान के लिए बुलाया गया है। बयान दर्ज होने पर साक्ष्य जुटाए जाएंगे। इस आधार पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
आसिफ ने बताया कि वर्ष 2024 में व्यापार के सिलसिले में उनका परिचय आशीष मौर्या से हुआ था। आशीष ने कहा था कि उसका सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सुभाष मार्ग शाखा के तत्कालीन मैनेजर शोभित श्रीवास्तव से परिचय है। वह उन्हें उनके बैंक से संपत्ति पर लोन दिला सकता है। आशीष ने 12 जुलाई 2024 को बैंक में उनका परिचय शोभित से कराया। बैंक में आशीष की बहन रजनी भी थी।
विज्ञापन
लोन की प्रक्रिया के नाम पर तीनों ने उनसे संपत्ति के कागज ले लिए और सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। शोभित ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण लोन की रकम खाते में आने के बजाय चेक से दी जाएगी।
विज्ञापन
काफी समय बाद भी उन्हें चेक नहीं मिला। आसिफ ने जब शोभित से संपत्ति के कागज वापस मांगे तो पता चला कि उनके नाम पर कभी लोन पास ही नहीं हुआ था। ब्रांच मैनेजर ने आशीष और रजनी के कहने पर दूसरे लोन में आसिफ को गारंटर बनाया था। पीड़ित ने मड़ियांव थाने में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस कारण कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र के मुताबिक पीड़ित और आरोपियों को बयान के लिए बुलाया गया है। बयान दर्ज होने पर साक्ष्य जुटाए जाएंगे। इस आधार पर कार्रवाई होगी।