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Lucknow News: खाते खुल गए, मगर कभी नहीं आई पोषण राशि

Wed, 21 Jan 2026 02:52 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 02:52 AM IST
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Accounts were opened, but the nutrition amount never arrived
प्रतीकात्मक तस्वीर।
लखनऊ। ये दो केस महज बानगी हैं। ऐसे मामलों की संख्या कहीं अधिक है, क्योंकि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीजों को दी जाने वाली पोषण सहायता राशि छह महीनों से अधर में लटकी है। सरकारी सिस्टम और निक्षय पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण अकेले लखनऊ जिले के हजारों मरीज आर्थिक मदद के लिए तरस रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक जनवरी से 15 दिसंबर तक जिले में कुल 23,127 टीबी रोगियों का पंजीकरण किया गया है। नियमतः इलाज के दौरान हर मरीज को सरकार 1,000 रुपये प्रति माह पोषण भत्ता देती है, लेकिन छह महीनों से सभी मरीजों का भुगतान रुका हुआ है।
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केस 1: छात्रा को नहीं मिला हक

ठाकुरगंज के बालागंज निवासी बीएड छात्रा टीबी से पीड़ित है और ठाकुरगंज टीबी अस्पताल के डॉट्स केंद्र से उनका इलाज चल रहा है। छात्रा को छह माह पहले मात्र बार एक हजार रुपये की एक किस्त मिली थी, जिसके बाद से उनके खाते में कोई राशि नहीं आई। वर्तमान में अस्पताल से मिलने वाली पोषण पोटली के भरोसे गुजारा करना पड़ रहा है।
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केस 2: दो माह से राशि का इंतजार
ठाकुरगंज टीबी अस्पताल के डॉट्स केंद्र पर ही पंजीकृत एक अन्य युवक का दो माह पहले रजिस्ट्रेशन हुआ था, लेकिन उसके खाते में अभी तक एक रुपया भी नहीं पहुंचा है। ऐसे में वह खुद ही कर्ज लेकर या जैसे-तैसे धन जुटाकर पौष्टिक आहार का इंतजाम कर रहे हैं।

अधिकारियों के निर्देश भी बेअसर

टीबी का इलाज आमतौर पर छह से नौ महीने तक चलता है, जिसमें दवाओं के साथ पौष्टिक भोजन अनिवार्य है। एनएचएम की एमडी डॉ. पिंकी ने पिछले सप्ताह पोर्टल की समस्या दूर कर जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन धरातल पर अब तक कोई सुधार नहीं दिखा है।


पोर्टल बना बाधा

डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि निक्षय पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। जब तक पोर्टल की खामियां दूर नहीं होतीं, मरीजों के खातों में डीबीटी के जरिये राशि पहुंचना मुश्किल है। पोषण राशि न मिलने से सबसे ज्यादा प्रभावित वे गरीब मरीज हैं, जिनके लिए बीमारी के दौरान उचित खान-पान का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण है।
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